लखनऊ | उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक के बाद एक मुलाकातों का दौर चल रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण सिंह ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके सरकारी आवास पर हुई, जहां दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत चली।
यह मुलाकात खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि एक दिन पहले ही बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। दोनों मुलाकातों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं जोरों पर हैं कि क्या प्रतीक भूषण को मंत्री पद की कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है?
बृजभूषण की योगी से मुलाकात बनी चर्चा का विषय
सोमवार को सीएम योगी से मुलाकात के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने बयान दिया था कि “मैं खुद मिलने नहीं गया था, मुख्यमंत्री ने मिलने की इच्छा जताई थी, तभी मैं मिलने गया।” इस बयान के बाद राजनीतिक पंडितों ने अनुमान लगाना शुरू कर दिया कि बृजभूषण परिवार को संगठन या सरकार में कोई बड़ी भूमिका दी जा सकती है।
प्रतीक भूषण की सक्रियता बढ़ी
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण सिंह पहले से ही राजनीति में सक्रिय हैं। वह विधायक भी रह चुके हैं और कई बार पार्टी के बड़े कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी देखी गई है। केशव प्रसाद मौर्य से उनकी मुलाकात को बीजेपी के अंदर किसी नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
क्या मंत्री बनाए जा सकते हैं प्रतीक?
यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे में प्रतीक भूषण की मुलाकात को इसी दिशा में देखा जा रहा है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कैसरगंज क्षेत्र में पार्टी के जनाधार को ध्यान में रखते हुए उन्हें जिम्मेदारी मिल सकती है।
निष्कर्ष:
एक ही हफ्ते में बृजभूषण शरण सिंह और उनके बेटे प्रतीक भूषण की यूपी सरकार के शीर्ष नेताओं से मुलाकात ने राजनीतिक हलचलों को तेज कर दिया है। क्या वास्तव में प्रतीक भूषण को मंत्री पद मिल सकता है या यह केवल सियासी समीकरणों का हिस्सा है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।



