बह 3 बजे से ही मंदिरों में लगी कतारें, श्रद्धालु बोल बम के जयघोष के साथ कर रहे जल अर्पण
गोंडा: जिले में सावन माह के तीसरे सोमवार को आस्था का सैलाब देखने को मिला। पौराणिक शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात से ही भक्त मंदिरों में लाइनों में लगे हुए थे, और तड़के से ही ‘बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ जलाभिषेक की शुरुआत हो गई।
🔱 प्रमुख मंदिरों में जुटी लाखों की भीड़
गोंडा के महादेवनाथ मंदिर, पातालेश्वरनाथ मंदिर, शिवबाबा मंदिर सहित अन्य ऐतिहासिक मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में पहुंचकर जल चढ़ाया। लोगों ने गंगा जल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और फूलों से भोलेनाथ का श्रृंगार कर अभिषेक किया।
👮♂️ प्रशासन ने की पुख्ता व्यवस्था
गोंडा जिला प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक कंट्रोल और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पुख्ता इंतज़ाम किए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा और महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई। जिला प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जल वितरण केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा शिविर और मोबाइल टॉयलेट की भी व्यवस्था की गई।
📸 भावनाओं से भरी रही शिवभक्ति
श्रद्धालुओं में सभी आयु वर्ग के लोग शामिल रहे—बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर पैदल ही मंदिरों की ओर रवाना हुए। भक्तों का कहना है कि सावन के सोमवार को भोलेनाथ को जल अर्पण करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
🌧️ बारिश ने बढ़ाया भक्तिभाव का माहौल
गोंडा में सोमवार सुबह हल्की बारिश ने मौसम को और भी सुहाना बना दिया। बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने भीगते हुए भोलेनाथ का अभिषेक किया। मंदिरों में हर तरफ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का दृश्य देखने को मिला।
🔚 निष्कर्ष
सावन के तीसरे सोमवार को गोंडा जिले ने शिवभक्ति में डूबा हुआ अद्भुत दृश्य देखा। श्रद्धा और व्यवस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि सावन और शिवभक्ति, भारत की आत्मा में गहराई से रचे-बसे हैं।

