गोंडा: जिले के मुजेहना विकास खंड स्थित धानेपुर और माधवगंज साधन सहकारी समिति पर मंगलवार को यूरिया खाद वितरण शुरू हुआ। यहां कुल 700 बोरी यूरिया खाद पहुंचाई गई। सुबह से ही किसानों—खासकर महिलाओं—की लंबी कतारें समिति पर देखने को मिलीं।
तेज बारिश के बावजूद महिलाएं भीगते हुए लाइन में खड़ी रहीं। इसके बावजूद किसानों का कहना है कि उन्हें समय पर खाद मिलना बेहद जरूरी है, इसलिए बारिश की परवाह किए बिना वे लाइन में लगे रहे।
यूरिया खाद की भारी मांग
धान की बुआई और फसल की बढ़त के इस मौसम में यूरिया खाद की सबसे अधिक मांग रहती है।
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हर किसान अपने हिस्से की खाद लेने के लिए समिति पर पहुंचा।
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महिला किसानों ने भी सुबह से ही लाइन पकड़ ली ताकि उन्हें समय पर खाद मिल सके।
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कई किसानों को बारिश में भीगते हुए घंटों इंतजार करना पड़ा।
किसानों की परेशानी
किसानों ने शिकायत की कि
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खाद वितरण की प्रक्रिया धीमी है।
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पर्याप्त शेड की व्यवस्था नहीं होने से लोग बारिश में भीगते रहे।
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महिलाओं और बुजुर्ग किसानों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रशासन से उम्मीद
किसानों ने मांग की है कि
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खाद वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए।
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कतारों में खड़े लोगों के लिए शेड और बैठने की सुविधा दी जाए।
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समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए ताकि किसानों को परेशानी न उठानी पड़े।
निष्कर्ष:
गोंडा जिले में बारिश के बीच खाद लेने के लिए किसानों का संघर्ष यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है। सरकार की तरफ से भेजी गई 700 बोरी यूरिया खाद भले ही किसानों तक पहुंच रही हो, लेकिन इंतजार और अव्यवस्था की वजह से उन्हें कठिनाई उठानी पड़ रही है।

