गोंडा: घाघरा नदी से तटबंधों को खतरा
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इस वजह से नदी के किनारे बसे इलाकों में तेजी से कटान हो रही है।
तटबंधों को बचाने में जुटा प्रशासन
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बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग की टीमें नदी के किनारे तैनात हैं।
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नदी की तेज धारा से हो रही कटान को रोकने के लिए बोरी डालने और पिचिंग का काम किया जा रहा है।
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अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील तटबंधों को बचाने के लिए आपातकालीन काम लगातार जारी है।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
तटीय गांवों में रहने वाले लोग नदी की कटान से दहशत में हैं।
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प्रशासन ने तटीय इलाकों के ग्रामीणों को अलर्ट रहने की हिदायत दी है।
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ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों को जानकारी दी गई है कि खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो जाएं।
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राजस्व और पुलिस विभाग की टीमें भी प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ का बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो बाढ़ का खतरा और ज्यादा हो सकता है।
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तटबंध टूटने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा है।
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जिले के मुजेहना, करनैलगंज और तरबगंज क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
निष्कर्ष:
गोंडा में घाघरा नदी का बढ़ता जलस्तर और कटान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विभाग की टीमें तटबंधों को बचाने में पूरी ताकत से लगी हैं, लेकिन हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं। ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।



