गोण्डा: नवाबगंज थाना क्षेत्र के उमरिया गांव में हुई एक हृदय विदारक घटना का सच आज भी अंधकार में है। 45 वर्षीय ई-रिक्शा चालक संगम उर्फ भोला शुक्ला की 27 अगस्त 2025 को उमरिया पावर हाउस के पीछे संदिग्ध परिस्थितियों में गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। घटना को आज 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन नवाबगंज थाने की पुलिस अब तक अपराधी का खुलासा नहीं कर सकी है।
????️♂️ जांच की धीमी गति पर सवाल
जांच के लिए पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की थी, ताकि हत्या के पीछे का सच सामने आ सके। लेकिन अब तक किसी ठोस सुराग का पता नहीं चल सका। इस विलंब से स्थानीय लोगों में असंतोष व्याप्त हो गया है। मृतक संगम शुक्ला का परिवार व गांववासी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
???? घटना स्थल का विवरण:
मृतक संगम शुक्ला उमरिया गांव का निवासी था और ई-रिक्शा चालक के रूप में परिवार का पालन-पोषण करता था। 27 अगस्त की शाम वह अपने काम से लौट रहा था तभी उसके गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच चल रही है, लेकिन जांच में किसी महत्वपूर्ण सुराग का अभी तक पता नहीं चला।
⚠️ परिवार और जनता की आशंका
परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में कहा –
“हमे उम्मीद थी कि पुलिस जल्द से जल्द दोषी को गिरफ्तार करेगी। लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद हमें कोई सूचना नहीं मिली। संगम जी का परिवार बेहद दुखी और आशंकित है।”
???? पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया:
नवाबगंज थाना प्रभारी का कहना है कि –
“सभी साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच में समय लग रहा है ताकि जांच पूरी पारदर्शिता व सटीकता के साथ की जा सके। हम जल्द से जल्द अपराधी को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित करेंगे।”
✅ जनता की मांग
स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन पुलिस प्रशासन से शीघ्र खुलासा करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अपराधी को जल्द गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित कर समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए।
???? विशेष निष्कर्ष:
यह केस पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता व तेजी पर सवाल खड़ा कर रहा है। ई-रिक्शा चालक संगम उर्फ भोला शुक्ला की हत्या का रहस्य आज भी अनसुलझा बना हुआ है। न्याय की आस में परिवार और जनता बेचैन हैं।
???? समापन:
गोण्डा जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पर ज़िम्मेदारी और बढ़ जाती है। संगम शुक्ला की हत्या का निष्पक्ष जांच व शीघ्र खुलासा न केवल परिवार को न्याय दिलाएगा, बल्कि भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक भी लगाएगा।



