गोंडा। गोंडा जिले में छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में एक आपात बैठक बुलाई।
बैठक में उन्होंने शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपलों और प्रबंधकों को कड़ी फटकार लगाई और छात्रवृत्ति पोर्टल पर प्रोफाइल लॉक न करने पर सख्त नाराजगी जताई।
???? 325 संस्थानों की लापरवाही से अटके हजारों आवेदन
जिले में पूर्वदशम योजना के तहत कुल 593 शिक्षण संस्थान पंजीकृत हैं, जिनमें से 325 संस्थानों ने अब तक अपनी प्रोफाइल लॉक नहीं की है।
इस लापरवाही के कारण हजारों छात्रों के आवेदन पोर्टल पर अधूरे और लंबित पड़े हुए हैं।
डीएम ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया —
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कक्षा 9-10 के कुल 19,814 आवेदनों में से सिर्फ 12,370 अग्रसारित हुए हैं, जबकि 7,122 आवेदन अब भी लंबित हैं।
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कक्षा 11-12 में 17,451 आवेदन आए हैं, जिनमें से 10,943 अग्रसारित, 69 निरस्त और 6,260 आवेदन अभी लंबित हैं।
छात्रवृत्ति आवेदन अग्रसारित करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर 2025 निर्धारित की गई है।
???? डीएम प्रियंका निरंजन ने दी कड़ी चेतावनी
डीएम ने बैठक में उपस्थित सभी प्रिंसिपलों से कहा —
“शासन की प्राथमिकता छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध कराना है। किसी भी विद्यार्थी को केवल संस्थानों की लापरवाही के कारण स्कॉलरशिप से वंचित नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो संस्थान समय सीमा के भीतर अपनी प्रोफाइल लॉक नहीं करेंगे, उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
???? सख्त निर्देश — पारदर्शिता और सूचना सुनिश्चित करें
डीएम ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालय छात्रवृत्ति से संबंधित जानकारी अपने विद्यालय परिसर में सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित करें, ताकि विद्यार्थी और अभिभावक योजनाओं के बारे में पूरी तरह अवगत रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन पत्रों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर अनियमितता या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
???? स्कॉलरशिप योजनाओं का उद्देश्य दोहराया
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएं समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे शासन की मंशा के अनुरूप समय पर कार्रवाई करें, ताकि हर पात्र छात्र को उसका हक मिल सके।



