गोंडा। गोंडा जिले में 48 उत्तर प्रदेश वाहिनी एनसीसी की ओर से मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रहे वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन कैडेट्स को अग्निशमन और आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण कमान अधिकारी कर्नल सुनील कपूर और प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल रणयोद्ध सिंह के निर्देशन में हुआ।
???? अग्निशमन दल ने कराया मॉक ड्रिल प्रदर्शन
प्रशिक्षण सत्र में फायर ब्रिगेड के प्रभारी उप निरीक्षक नीतेश शुक्ला अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने कैडेट्स को आग बुझाने के विभिन्न तरीकों, फायर एक्सटिंग्विशर के प्रकारों और आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के उपायों की जानकारी दी।
टीम ने मैदान में मॉक ड्रिल करते हुए आग बुझाने की तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कैडेट्स ने खुद फायर सिलेंडर का प्रयोग कर आग पर काबू पाने की प्रक्रिया को समझा।
???? कैडेट्स को सिखाई गई आग के प्रकारों की पहचान
अग्निशमन टीम ने आग के A, B और C वर्गों के बारे में विस्तार से बताया —
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A वर्ग: सामान्य वस्तुओं (कपड़ा, कागज, लकड़ी) की आग
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B वर्ग: ज्वलनशील तरल पदार्थों (पेट्रोल, डीजल, तेल) की आग
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C वर्ग: गैस या विद्युत आग
टीम ने बताया कि हर प्रकार की आग के लिए अलग तकनीक और उपकरण की जरूरत होती है।
???? आपदा प्रबंधन पर दिया गया विशेष फोकस
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा की समझ विकसित करना था।
अधिकारियों ने कहा कि एनसीसी कैडेट्स समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, इसलिए उन्हें न केवल देश सेवा बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में सहयोग के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
???? अधिकारियों और 600 कैडेट्स की मौजूदगी
इस मौके पर
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कमान अधिकारी कर्नल सुनील कपूर,
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प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल रणयोद्ध सिंह,
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गोंडा जिले के विभिन्न कॉलेजों के एएनओ (ANO) और सीटीओ (CTO) अधिकारी,
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तथा लगभग 600 एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि यह प्रशिक्षण कैडेट्स के आत्मविश्वास और आपदा प्रबंधन कौशल को मजबूत करेगा।



