गोंडा। गोंडा जिले में महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सोमवार को ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में देवीपाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील ने 26 महिलाओं की शिकायतें सुनीं और लापरवाह अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने रिश्वत मांगने वाले लेखपाल पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
भूमि विवाद और योजनाओं से जुड़ी रही ज्यादातर शिकायतें
जनसुनवाई में आई अधिकतर शिकायतें भूमि विवाद, सरकारी जमीनों पर कब्जे और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहने से संबंधित थीं।
महिलाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर लिखित आवेदन कमिश्नर को सौंपे।
कमिश्नर ने कहा कि
“सरकारी जमीनों पर कब्जे की शिकायतें गंभीर हैं, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
महिलाओं ने रखी अपनी समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान सुनीता देवी ने बताया कि उनके दोनों नाबालिग पुत्र पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन पिछले एक साल से उन्हें ‘बाल सेवा योजना’ का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने अधिकारियों से योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
थाना कटरा क्षेत्र की आइसा ने शिकायत की कि दबंगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है, और पुलिस उसकी मदद नहीं कर रही।
वहीं, एक अन्य महिला ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद वरासत दर्ज कराने के लिए लेखपाल उससे रिश्वत मांग रहा है। महिला ने कहा कि वह रिश्वत नहीं दे सकती, इस पर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए लेखपाल के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर बोले – लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील ने कहा कि
“महिलाओं की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए। किसी भी अधिकारी की लापरवाही को बख्शा नहीं जाएगा। हर शिकायत का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे संवाद कार्यक्रम देवीपाटन मंडल के अन्य जिलों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं की समस्याओं का सीधे उच्च स्तर पर समाधान हो सके।
निष्कर्ष:
गोंडा में आयोजित ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ कार्यक्रम में महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया।
कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील की सख्त कार्यवाही के बाद प्रशासन को स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार, लापरवाही और महिलाओं की उपेक्षा किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।



