गोंडा। गोंडा में संजय सोनकर की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) हिरासत में हुई मौत के मामले की जांच अब सीओ नगर आनंद राय को सौंप दी गई है। घटना में नामजद तीन RPF पुलिसकर्मियों — सब इंस्पेक्टर करण सिंह यादव, सुरेंद्र कुमार और सिपाही अमित कुमार — पर हत्या के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
सीओ नगर ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
???? परिजन मांग रहे गिरफ्तारी
मृतक संजय सोनकर के परिजन तीनों पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने गोंडा पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
???? रेलवे से भी जांच शुरू
स्थानीय पुलिस के अलावा, रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे बोर्ड ने भी तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी जांच के आदेश दिए हैं।
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इस जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है।
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समिति ने तीनों को नोटिस जारी किया और जांच में शामिल होने का निर्देश दिया।
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आरोपियों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
???? मृत्यु का मामला
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यह मामला 28 सितंबर को मालगाड़ी के वैगन का लॉक तोड़कर सरसों के तेल की चोरी से जुड़ा था।
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संजय सोनकर को 4 नवंबर को सुबह 11 बजे गोंडा RPF ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
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उसी दिन 4 नवंबर की देर रात हिरासत में उनकी मौत हो गई।
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5 नवंबर को परिजन ने तीनों पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
???? जांच की प्रक्रिया
सीओ नगर आनंद राय ने बताया कि मामले की पूरी जांच शुरू कर दी गई है।
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मुकदमे में जाति प्रमाण पत्र के आधार पर SC/ST धाराएं जोड़ी गई हैं।
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जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र भेजा जाएगा।
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पॉस्मॉर्टम (PM) रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण इसे बिसरा जांच के लिए भेजा गया है।
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बिसरा रिपोर्ट आने पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।



