राष्ट्रपति के हाथों अवार्ड पाकर गोंडा लौटीं डीएम प्रियंका निरंजन
गोंडा: की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को मंगलवार को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार उन्हें मिर्जापुर जिले में जल संरक्षण, नदियों के पुनर्जीवन और भूजल पुनर्भरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किए गए।
गुरुवार को जब वे गोंडा पहुंचीं तो कलेक्ट्रेट में कर्मचारियों और अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सभी ने उनके सम्मान को जिले की उपलब्धि बताया।
“राष्ट्रपति के हाथों सम्मान पाना गर्व का विषय”— डीएम
डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा—
“यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि गोंडा और मिर्जापुर की जनता के अथक परिश्रम का परिणाम है। राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना किसी भी अधिकारी के लिए गर्व की बात है। यह मुझे और बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है।”
उन्होंने बताया कि उन्हें ये पुरस्कार ‘जल भागीदारी 1.0 अभियान’ के तहत किए गए कार्यों के लिए मिले। इसमें—
-
जल संरक्षण
-
नदियों का पुनर्जीवन
-
जलस्रोतों का संरक्षण
-
भूजल स्तर को बढ़ाने
-
जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाना
जैसे काम शामिल थे।
गोंडा में भी बड़े स्तर पर जल संरक्षण अभियान शुरू होगा
प्रियंका निरंजन ने बताया कि जिस तरह मिर्जापुर में जल प्रबंधन को लेकर व्यापक कार्य किया गया, उसी तरह गोंडा में भी जल संरक्षण और जल प्रबंधन पर विशेष रूप से फोकस किया जाएगा।
उन्होंने कहा—
“हम ऐसी परियोजनाएँ लागू करेंगे जिससे गोंडा भी राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन के मॉडल जिलों में शामिल हो सके।”
टेढ़ी नदी के विकास के लिए तैयार की कार्ययोजना
डीएम ने खुलासा किया कि टेढ़ी नदी के विकास को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है।
फिलहाल क्षेत्र में वॉटर लॉगिंग होने के कारण काम शुरू नहीं किया जा सका है, लेकिन स्थिति सामान्य होते ही नदी के पुनर्जीवन पर काम आरंभ होगा।
उन्होंने कहा कि—
-
जिले की नदियों को पुनर्जीवित किया जाएगा
-
जल संचयन संरचनाएँ विकसित होंगी
-
वर्षा जल संरक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे
-
गांवों में जल भागीदारी मॉडल लागू होगा
उनके अनुसार, “हमेशा यही प्रयास रहा है कि कुछ ऐसा किया जाए जिससे समाज को वास्तविक लाभ मिले।”



