गोंडा में पल्लवी पटेल का बड़ा बयान: कहा— SIR फॉर्म नहीं भरूंगी, नागरिक हूं तो क्यों भरूं?

गोंडा: में सिराथू की विधायक पल्लवी पटेल ने मतदाता पुनरीक्षण (SIR) फॉर्म को लेकर बड़ा बयान देते हुए साफ कहा है कि वे SIR फॉर्म नहीं भरेंगी। उन्होंने प्रक्रिया को “गलत” बताते हुए कहा—
“मैं इस देश की नागरिक हूं। मेरे पास सभी वैध दस्तावेज हैं। फिर मैं यह फॉर्म क्यों भरूं?”

गुरुवार को वे सरदार पटेल सेवा संस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल हुई थीं।


“मैं जन्म से वोटर हूं… फॉर्म न भरने से मेरा अधिकार नहीं छिनेगा”

पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि फॉर्म न भरने पर क्या उनका नाम वोटर सूची से हट सकता है, तो पल्लवी पटेल ने पलटकर कहा—
“मैं कैसे वंचित रह जाऊंगी? मैं जन्म से वोटर हूं, हर बार वोट देती रही हूं। अगर आज फॉर्म नहीं भरूंगी तो क्या मेरा अधिकार खत्म हो जाएगा?”

उन्होंने कहा कि उनके पास सभी दस्तावेज मौजूद हैं और उन्हें नागरिकता या पहचान साबित करने के लिए SIR प्रक्रिया की जरूरत नहीं है।


“SIR भरना है या नहीं… यह जनता की मर्जी है”

पटेल ने SIR फॉर्म को लेकर जनता को छूट देते हुए कहा—
“अगर जनता SIR को सही मानती है तो फॉर्म भरे। अगर नहीं, तो न भरे। यह पूरी तरह जनता का अधिकार है।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि SIR उसी तरह है जैसे महिलाओं के आरक्षण पर की गई “कागज़ी घोषणा”—
“नीतियां बनाई जाती हैं, पर जमीन पर कुछ नहीं होता। SIR भी जुमला बनकर रह जाएगा।”


“मकसद सूची सुधारना नहीं, कमजोर वर्गों के वोट कम करना है”

पल्लवी पटेल ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का असली मकसद वोटर सूची को अपडेट करना नहीं, बल्कि—

  • ग्रामीण

  • दलित

  • पिछड़े

  • गरीब

  • मजलूम वर्ग

के मताधिकार को कमजोर करना है।
उन्होंने कहा—
“यह लोकतंत्र पर हमला है।”


“जहां चुनाव होने हैं, वही SIR… सरकार की नीयत साफ नहीं”

पटेल ने कहा—
“जहां सरकार को ज्यादा सीटें चाहिए, वहां SIR की आड़ में खेल किया जा रहा है। इसलिए विपक्ष सवाल उठा रहा है। नीयत साफ नहीं है।”

उनके इस बयान से SIR को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है, खासकर उन इलाकों में जहां प्रक्रिया पहले से विवादित रही है।


बीएलओ पर दबाव को बताया अमानवीय

उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया में बीएलओ और अधिकारियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाला जा रहा है।
उनके अनुसार—
“काम पूरा न होने पर वेतन रोकने की धमकी दी जा रही है। यह अमानवीय है। एक कर्मचारी 30 दिन काम अपनी सैलरी के लिए करता है, उसका वेतन रोकना गलत है।”


डिटेंशन सेंटर पर भी उठाए सवाल

घुसपैठियों के लिए बन रहे डिटेंशन सेंटर के बारे में उन्होंने पूछा—
“पहले बताइए आधार क्या है? प्लान-B क्या है? सिर्फ घोषणा कर देने से क्या हो जाएगा? आगे की रणनीति क्या है?”


विवादित बयान पर टिप्पणी से बचीं

जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य के हालिया विवादित बयान पर पत्रकारों ने प्रतिक्रिया मांगी तो पल्लवी पटेल ने कहा—
“मेरे कार्यक्रम से जुड़े सवाल पूछिए… बाकी दुनिया भर की बातें क्यों पूछ रहे हैं?”

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