गोंडा: में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने शनिवार को धान क्रय केंद्रों और सरकारी खाद गोदामों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद की कमी पाए जाने पर उन्होंने सहकारी समिति के सचिव को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में खाद की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
4300 किसानों में से सिर्फ 841 ने बेचा धान
जिले में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू हुई है।
96 धान क्रय केंद्रों पर अब तक:
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3658 मीट्रिक टन धान खरीदा गया
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4300 किसानों ने कराया था पंजीकरण
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लेकिन केवल 841 किसान ही धान बेचने पहुंचे
जिलाधिकारी ने धान खरीद की धीमी गति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को जागरूक कर अधिक से अधिक खरीद सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन को 1.18 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला है।
खाद की कमी पर सचिव को फटकार
निरीक्षण के दौरान डीएम ने बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड, केशवपुर पहड़वा का दौरा किया, जहां खाद अनुपलब्ध थी। इस पर उन्होंने सचिव को फटकारते हुए कहा कि:
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किसानों को खाद के लिए लाइन में लगना मंजूर नहीं
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गेहूं की बुवाई में बाधा नहीं आनी चाहिए
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किसी भी केंद्र पर खाद की कमी मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने चेतावनी दी कि हर सहकारी समिति में पर्याप्त खाद स्टॉक तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
किसानों से बात कर जानी उनकी समस्याएँ
नवीन गल्ला मंडी में धान बेचने आए किसानों से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बात की और पूछा कि क्या उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
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तौल प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो
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भुगतान 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए
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किसी भी किसान को परेशान न होना पड़े
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। यदि किसी समिति या क्रय केंद्र पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।
निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी एनके पाठक, एआर कोऑपरेटिव रवि शंकर चौधरी, यूपीपीसीएफ प्रबंधक जितेंद्र वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।



