लखनऊ (उत्तर प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा) के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने एक पॉडकास्ट के दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति और विधायकों की स्थिति पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “आज यूपी में विधायकों की औकात जीरो हो गई है। काम निकलवाने के लिए विधायक डीएम के पैर छूते हैं। उनकी मर्जी होगी तो काम होगा, नहीं तो नहीं होगा।”
सारा पावर एक जगह सिमट गया:
उन्होंने आगे कहा, “सारा पावर एक जगह सिमट गया है। अगर वह पावर अच्छा काम करेगा तो सबकी नैया पार हो जाएगी। अगर नहीं किया, तो सभी फेल हो जाएंगे।” बृजभूषण सिंह ने इस मुद्दे पर ज्यादा नहीं बोलने की बात की और कहा कि “अगर ज्यादा बोला तो आग लग जाएगी।”
विधायकों की स्थिति पर तंज:
पूर्व सांसद ने कहा, “आज विधायक की हैसियत ग्राम प्रधान से भी नीचे हो गई है। कई जगह हालात ऐसे हैं जहां विधायकों के पास कोई ताकत नहीं रह गई।” उन्होंने यह भी बताया कि विधायकों के कार्यकाल के 3 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन उनके पास कोई ऐसा उपलब्धि नहीं है जिसे वह जनता के बीच ले जा सकें।
बृजभूषण की व्यक्तिगत यात्रा:
बृजभूषण सिंह ने अपनी व्यक्तिगत यात्रा के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, “आज मैं हेलिकॉप्टर से चलता हूं, लेकिन एक समय था जब मैं मजदूरी करता था।” उन्होंने यह भी साझा किया कि “मैं कोई आसमान से नहीं टपका हूं, बल्कि संघर्ष करते हुए यहां तक पहुंचा हूं।”
संस्कारों का महत्व:
सिंह ने समाज के लिए एक संदेश दिया, “जो लोग किराए पर दाह संस्कार करते हैं, उनकी शिक्षा भाड़ में जाए। अपनी जड़ों से जुड़े रहें और अच्छे संस्कारों को बचाकर रखें।”
विपक्षी सांसद के बारे में:
उन्होंने यह भी याद किया कि “मैं विपक्ष का सांसद था, फिर भी मुलायम सिंह यादव ने मेरे लिए काम किया।” उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने उनकी चिट्ठी को स्वीकार किया और उनका काम किया।
???? निष्कर्ष:
बृजभूषण सिंह की यह टिप्पणियां उत्तर प्रदेश की राजनीति और विधायकों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाती हैं। उनका यह बयान प्रदेश के राजनीतिक माहौल और विधायकों की सीमित शक्ति को उजागर करता है। इस मुद्दे पर चर्चा में तेजी आ सकती है, खासकर जब राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में विधायकों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।



