लखनऊ: के भैंसा कुंड श्मशान घाट (जिसे बैकुंठ धाम के नाम से भी जाना जाता है) में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अंतिम संस्कार के लिए लाए गए एक शव पर अचानक एक विशालकाय पेड़ गिर गया। यह घटना इतनी अप्रत्याशित थी कि शव को लेकर आए लोग और बैकुंठ धाम के कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए भागे।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब शव को चिता पर रखने की तैयारी चल रही थी। अचानक एक करीब 100 वर्ष पुराना पेड़, जो श्मशान घाट परिसर में ही लगा था, जड़ से उखड़कर सीधे शव के ऊपर आ गिरा। इस घटना से मौके पर मौजूद सभी लोग सकते में आ गए।
परिजनों और कर्मचारियों ने मिलकर निकाला शव
पेड़ गिरने के बाद मची अफरा-तफरी के बीच, मृतक के परिजनों और बैकुंठ धाम के कर्मचारियों ने मिलकर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए पेड़ के नीचे से शव को बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि शव पर पेड़ गिरने से एक असहज और दुखद स्थिति उत्पन्न हो गई।
पार्क की बाउंड्री वॉल भी टूटी
पेड़ गिरने का प्रभाव इतना जबरदस्त था कि इससे श्मशान घाट परिसर में स्थित एक पार्क की बाउंड्री वॉल भी टूट गई। यह दर्शाता है कि पेड़ कितना विशाल और पुराना रहा होगा। घटना के बाद, श्मशान घाट प्रबंधन ने गिरे हुए पेड़ को हटाने और क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
यह घटना श्मशान घाट में पेड़ों के रखरखाव और उनकी सुरक्षा जांच की आवश्यकता पर भी सवाल उठाती है, खासकर पुराने और विशालकाय पेड़ों के मामले में। हालांकि, इस अप्रत्याशित घटना में किसी के हताहत न होने से सभी ने राहत की सांस ली।



