लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के कायाकल्प के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है। पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सुधार की दिशा में सरकार ने बीते 8 वर्षों में 188 प्राचीन मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया है, और अब यह अभियान और भी तेज़ गति पकड़ रहा है।
🛕 शिव मंदिरों का होगा पुनरुद्धार
सरकार का फोकस विशेष रूप से प्राचीन शिव मंदिरों के विकास पर है। आगरा, फिरोजाबाद, गोरखपुर और गोंडा में 7 प्रमुख मंदिरों का कायाकल्प किया जाएगा। प्रमुख स्थलों में शामिल हैं:
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आगरा के फतेहाबाद स्थित भट्टा की पिपरी मौजा मेवालीखुर्द शिव मंदिर
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फिरोजाबाद के चकलेश्वर महादेव मंदिर और समौर बाबा मंदिर
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गोरखपुर के भूलेश्वर मंदिर, खजनी महादेव, झारखंडी महादेव मंदिर
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गोंडा का तीरे मनोरमा मंदिर
परियोजनाएं UP Projects Corporation Ltd और UP State Tourism Development Corporation Ltd द्वारा संचालित की जाएंगी।
🏙️ शहरी क्षेत्रों में भी ध्यान: मैनपुरी घंटाघर का होगा सौंदर्यीकरण
पर्यटन विकास की योजना सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं है। मैनपुरी के घंटाघर का भी कायाकल्प किया जाएगा ताकि स्थानीय विरासत को संजोया जा सके और शहरी सौंदर्य में निखार आए।
🏞️ मीरजापुर मंडल में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा
मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र जिलों में 8 गांवों में ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे विकास की योजना बनाई गई है।
सरकार के अनुसार, यह पहल स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, खाद्य उत्पादों, और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन का साधन बनेगी।
💼 पर्यटन से जुड़ेगा रोजगार और अर्थव्यवस्था
योगी सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन सेक्टर को राज्य की 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में सहायक बनाया जाए।
अयोध्या, काशी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्ड पर्यटक आगमन से साबित हुआ है कि यूपी अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
🏯 हेरीटेज पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के 11 विरासत स्थलों को विकसित करने के लिए कार्य कर रही है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भी आकर्षित किया जा सके।
इससे पर्यटकों के लिए सुविधाएं बेहतर होंगी और पर्यटन क्षेत्र में नए अवसरों का द्वार खुलेगा।
✅ निष्कर्ष:
योगी सरकार का यह समन्वित प्रयास उत्तर प्रदेश को न केवल एक धार्मिक पर्यटन हब बनाएगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक धरोहर और रोजगार के लिए भी एक मजबूत आधार सिद्ध होगा।
“धर्म, संस्कृति और विकास” के संगम पर आधारित यह पहल, यूपी को पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी गंतव्य बना रही है।

