गोंडा: में आठवें पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम की शुरुआत आज जिला पंचायत सभागार में भव्य रूप से की गई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
यह आयोजन न केवल पोषण जागरूकता बढ़ाने का मंच बना, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।
महिलाओं के लिए लगे स्टॉल, योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों और जिला कार्यक्रम विभाग द्वारा विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जिनमें महिलाओं और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि हर पात्र महिला तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। इससे महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
गोद भराई रस्म और सम्मान समारोह
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि कई गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक ‘गोद भराई’ रस्म भी आयोजित की गई। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बना, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा
पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम के बाद इसी मंच पर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के उपलक्ष्य में एक विशेष चर्चा और प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान डॉ. अनीता मिश्रा ने महिलाओं के अधिकारों और उनकी बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के जरिए राजनीतिक भागीदारी तो सुनिश्चित कर दी गई है, लेकिन समाज की सोच में बदलाव आना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक असली सशक्तिकरण अधूरा रहेगा।
महिलाओं की बढ़ेगी जिम्मेदारी
डॉ. मिश्रा ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। अब राजनीतिक क्षेत्र में भी उनकी भागीदारी बढ़ेगी, जिससे देश और समाज के विकास में उनका योगदान और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि जो महिलाएं अब तक केवल घर और परिवार की जिम्मेदारी निभा रही थीं, वे अब जिले, विधानसभा और संसद तक अपनी भूमिका निभाएंगी। यह बदलाव समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
अधिकारियों ने किया जागरूकता का आह्वान
जिलाधिकारी और सीडीओ ने भी कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तिकरण और पोषण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए महिलाओं और बच्चों का पोषण बेहद जरूरी है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
पोषण और सशक्तिकरण का संगम
यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि इसमें पोषण, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण का समग्र दृष्टिकोण देखने को मिला। इससे यह संदेश गया कि सरकार महिलाओं के विकास के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है।



