पटना: के चर्चित कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई के घेरे में आ गया है। फायर सेफ्टी विभाग द्वारा किए गए दूसरे ऑडिट में भी कई गंभीर खामियां मिलने के बाद संस्थान को 10 दिनों का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर सभी कमियों को दूर नहीं किया गया, तो विभाग सख्त कार्रवाई करते हुए संस्थान को सील भी कर सकता है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद विभिन्न राज्यों में फायर सेफ्टी नियमों के अनुपालन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
दूसरी जांच में भी नहीं सुधरी व्यवस्था
फायर सेफ्टी विभाग की टीम ने पटना के बोरिंग रोड स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर का दोबारा निरीक्षण किया। अधिकारियों को उम्मीद थी कि पहले नोटिस के बाद संस्थान ने जरूरी सुधार कर लिए होंगे, लेकिन जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण कमियां अब भी बरकरार पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन में पर्याप्त आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा फायर अलार्म सिस्टम में तकनीकी खामियां हैं और कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।

कौन-कौन सी खामियां मिलीं?
फायर विभाग की रिपोर्ट के अनुसार संस्थान में निम्नलिखित गंभीर कमियां सामने आईं—
- पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट का अभाव
- ऑटोमैटिक फायर अलार्म सिस्टम में कमी
- स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं मिला
- फायर स्टेयर (आपातकालीन सीढ़ी) अधूरी
- फायर डिटेक्शन सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक नहीं
- इलेक्ट्रिक पैनल के नीचे छात्रों के बैठने की व्यवस्था
- आपातकालीन निकासी मार्गों का मानकों के अनुरूप न होना
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में किसी भी आपदा के दौरान बड़े पैमाने पर जनहानि हो सकती है।
डीआईजी ने जताई गंभीर चिंता
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग के डीआईजी मनोज कुमार नट ने भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक पैनल के नीचे बैठने की व्यवस्था बेहद खतरनाक है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि स्प्रिंकलर सिस्टम का अभाव भवन की सुरक्षा को और कमजोर बनाता है। यदि आग लगती है तो शुरुआती स्तर पर उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
10 दिन का अंतिम मौका
फायर विभाग ने संस्थान को 10 दिनों के भीतर सभी खामियों को दूर करने का निर्देश दिया है। विभाग का कहना है कि यह अंतिम अवसर है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं किया गया, तो कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई में—
- संस्थान का संचालन रोकना
- लाइसेंस संबंधी कार्रवाई
- भवन को अस्थायी रूप से सील करना
- जुर्माना लगाना
जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
अन्य कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई
फायर विभाग केवल खान ग्लोबल स्टडीज तक सीमित नहीं है। पटना के कई अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक जिन संस्थानों का ऑडिट हुआ है, उनमें अधिकांश जगह किसी न किसी स्तर पर फायर सेफ्टी संबंधी कमियां मिली हैं।
कौटिल्य जीएस टीचिंग सेंटर, ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी और अन्य शिक्षण संस्थानों में भी सुरक्षा मानकों को लेकर सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ हादसे के बाद देशभर में अलर्ट
हाल ही में लखनऊ में एक कोचिंग एवं लाइब्रेरी संचालित भवन में लगी भीषण आग में कई लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद राज्यों ने फायर सेफ्टी नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी वाले संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
क्या सच में बंद हो सकती है खान सर की कोचिंग?
फिलहाल संस्थान को बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। हालांकि फायर विभाग का रुख स्पष्ट है कि यदि समय सीमा के भीतर सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
अब सभी की नजरें अगले 10 दिनों पर टिकी हैं। यदि सुधार कार्य समय पर पूरे हो जाते हैं तो संस्थान सामान्य रूप से संचालित होता रहेगा, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
पटना के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज के लिए अगले 10 दिन बेहद अहम साबित होने वाले हैं। फायर सेफ्टी विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि सुरक्षा मानकों में सुधार नहीं हुआ, तो संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह मामला देशभर के कोचिंग संस्थानों के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि शिक्षा के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।

