“मेरी बेटी वापस नहीं आएगी…” NEET छात्रा की मां का फूटा दर्द, बोलीं- पेपर लीक के दोषियों को दो फांसी की सजा

नागपुर: NEET परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की मां ने एक भावुक अपील करते हुए कहा है कि उनकी बेटी अब कभी वापस नहीं आएगी, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि दोषियों को कानून के तहत सबसे कठोर सजा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

आकांक्षा की मां नीलम चतुर्वेदी का बयान ऐसे समय आया है जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में NEET परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक विवाद पर बहस जारी है।


“इस्तीफा काफी नहीं, जिम्मेदारी तय हो”

मीडिया से बातचीत के दौरान नीलम चतुर्वेदी ने कहा कि छात्रों के आंदोलन का वह सम्मान करती हैं, लेकिन केवल किसी मंत्री के इस्तीफे से उनकी बेटी वापस नहीं आएगी।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सबसे कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

नीलम चतुर्वेदी ने कहा कि उनके परिवार ने अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए हर संभव प्रयास किया था, लेकिन घटनाक्रम ने सब कुछ बदल दिया।


आकांक्षा की कहानी: डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया

मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी मेडिकल की पढ़ाई का सपना लेकर अपने परिवार के साथ नागपुर आई थीं।

उन्होंने NEET परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया था। परिवार के अनुसार उन्होंने परीक्षा देने के बाद विश्वास जताया था कि उनका पेपर अच्छा गया है और अच्छे अंक आने की उम्मीद है।

बाद में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े घटनाक्रम के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगीं।

परिजनों के अनुसार इसी दौरान उन्होंने आत्महत्या कर ली।


सुसाइड नोट में क्या लिखा था?

परिवार के अनुसार आकांक्षा ने अपने हाथ से लिखे नोट में माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा था कि वह दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं जुटा पा रही हैं।

नोट में उन्होंने लिखा कि पहली परीक्षा अच्छी गई थी, लेकिन आगे क्या होगा, इसे लेकर वह बेहद चिंतित थीं।

उन्होंने अपने माता-पिता से क्षमा मांगते हुए लिखा कि वह उनके सपनों को पूरा नहीं कर सकीं।

(ध्यान दें: आत्महत्या से जुड़े मामलों में किसी व्यक्ति के अंतिम संदेश को अत्यधिक विस्तार से प्रस्तुत करना उचित नहीं माना जाता।)


परिवार की आर्थिक स्थिति भी थी चुनौती

आकांक्षा के परिजनों ने बताया कि उनकी पढ़ाई के लिए पूरा परिवार संघर्ष कर रहा था।

उनके पिता खेती के साथ-साथ अतिरिक्त काम करके बेटी की पढ़ाई और कोचिंग का खर्च उठा रहे थे।

परिवार का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य के लिए हर संभव प्रयास किया था और उसे डॉक्टर बनते देखने का सपना देखा था।


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आई प्रतिक्रिया

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नीलम चतुर्वेदी ने कहा कि यह एक प्रशासनिक फैसला हो सकता है, लेकिन इससे उन परिवारों का दर्द कम नहीं होगा जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई अधिक महत्वपूर्ण है।


NEET विवाद के बाद बढ़ी परीक्षा प्रणाली पर बहस

NEET परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही पर लगातार चर्चा हो रही है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाना आवश्यक है।

इसके साथ ही परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली को भी बेहतर बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।


मानसिक स्वास्थ्य पर भी बढ़ी चिंता

इस घटना ने छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भावनात्मक सहयोग, परिवार का समर्थन और समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता मिलना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम निर्णय नहीं होता और कठिन परिस्थितियों में छात्रों को अपने परिवार, शिक्षकों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

NEET परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की मां का बयान देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि केवल इस्तीफे से न्याय नहीं मिलेगा। वहीं यह मामला परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संस्थागत जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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