मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का खतरा! ईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी हमला, 4 की मौत; तेहरान ने भी दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

तेहरान। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब एक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान में एक आवासीय इलाके पर हुए अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद शादी समारोह मातम में बदल गया। ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, हमले से जुड़े मलबे की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक छोटा बच्चा भी शामिल बताया गया है।

घटना के बाद हालात और गंभीर तब हो गए जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया। इससे दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

शादी समारोह के दौरान कैसे हुआ हमला?

ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, घटना सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में हुई। यहां एक आवासीय घर में शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान पास में अमेरिकी मिसाइल हमला हुआ और उसके बाद गिरे शेल के टुकड़ों ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।

बताया गया कि इस घटना में चार लोगों की मौत हुई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। इससे पहले होर्मोजगान प्रांत के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने राज्य टेलीविजन पर दो लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। बाद में ईरानी रेड क्रिसेंट ने मृतकों की संख्या चार बताई।

घटना की परिस्थितियों और हमले के वास्तविक लक्ष्य को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं। ईरानी पक्ष का कहना है कि जिस इलाके में शादी समारोह चल रहा था, वहां अमेरिकी हमले के बाद मलबा गिरा।

अमेरिका ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?

दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी बलों ने 1 सितंबर को ईरानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों की एक लहर पूरी की।

अमेरिकी सेना के मुताबिक, कार्रवाई में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्तियां, माइन बिछाने की क्षमताएं और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी पक्ष ने इन हमलों को क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और वाणिज्यिक जहाजरानी के खिलाफ कथित ईरानी गतिविधियों के जवाब के तौर पर बताया है। CENTCOM के अनुसार, मध्य पूर्व में 50 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बल हाई अलर्ट पर हैं।

ईरान ने कैसे किया पलटवार?

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया गया है। आईआरजीसी ने कहा कि उसने जॉर्डन में स्थित प्रिंस हसन एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया।

ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के जरिए जारी बयान में आईआरजीसी ने इसे अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ शुरू किए गए एक बड़े अभियान का हिस्सा बताया। ईरानी पक्ष के अनुसार, एयरबेस पर लंबी दूरी के आरक्यू-4 और एमक्यू-9 ड्रोन से जुड़े हैंगर को निशाना बनाया गया।

आईआरजीसी ने दावा किया कि हमले में कई ड्रोन नष्ट हुए और अमेरिकी कर्मियों को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा फ्लैशप्वाइंट

इस पूरे घटनाक्रम में होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और यहां किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।

ईरान के केशम द्वीप, बंदर अब्बास और चाबहार जैसे इलाकों में भी धमाकों की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। खासकर होर्मुज के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ने से क्षेत्रीय संघर्ष के व्यापक युद्ध में बदलने की आशंका जताई जा रही है।

क्या महायुद्ध की तरफ बढ़ रहा है मिडिल ईस्ट?

अमेरिका और ईरान के बीच सीधे हमलों का सिलसिला जारी रहना पूरे मध्य पूर्व के लिए गंभीर चुनौती है। एक तरफ अमेरिका ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाने की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा कर रहा है।

अगर यह टकराव और आगे बढ़ता है और इसमें क्षेत्र के दूसरे देश भी शामिल होते हैं, तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी क्षेत्र, ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और वैश्विक कूटनीति पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का यह सिलसिला कहां जाकर रुकेगा। शादी समारोह में हुई मौतों ने संघर्ष के मानवीय असर को और गंभीर बना दिया है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पश्चिम एशिया में तनाव को बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। एक ओर ईरान में नागरिकों के हताहत होने की खबर सामने आई है, तो दूसरी ओर अमेरिकी एयरबेस पर ईरानी मिसाइल हमले के दावे ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली सैन्य कार्रवाई यह तय कर सकती है कि यह संघर्ष सीमित रहेगा या पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में लेगा।

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