नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, 4 महीने बाद पुलिस के हाथ लगा वांछित आरोपी! परसपुर में ऐसे हुई गिरफ्तारी

गोण्डा: उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत परसपुर पुलिस को एक मामले में सफलता मिली है। पुलिस ने नाबालिग लड़की को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित चल रहे आरोपी भीम सिंह उर्फ शिव पूजन सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को पचईपुरवा तिराहा, थाना परसपुर के पास से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना परसपुर में मु0अ0सं0 198/2026 दर्ज है। मामले में धारा 137(2) और 87 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

12 मई को दर्ज कराया गया था मामला

पुलिस के मुताबिक यह मामला 12 मई 2026 का है। उस दिन थाना परसपुर क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को लिखित तहरीर दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी नाबालिग पुत्री को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से बहला-फुसलाकर ले जाया गया है।

शिकायत मिलने के बाद परसपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने लड़की की तलाश के साथ-साथ मामले में शामिल संभावित आरोपी की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

चार महीने बाद गिरफ्तारी से खुला नया मोड़

मामले में जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपी के तौर पर भीम सिंह उर्फ शिव पूजन सिंह पुत्र राजकुमार सिंह, निवासी ग्राम चोपपुरवा आटा, थाना परसपुर, जनपद गोण्डा को चिन्हित किया।

पुलिस टीम को आरोपी के पचईपुरवा तिराहा के आसपास मौजूद होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे मौके के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

किन धाराओं में दर्ज है मुकदमा?

परसपुर थाने में दर्ज मुकदमे का नंबर 198/2026 बताया गया है। पुलिस प्रेस-नोट के अनुसार आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2) और 87 के तहत मामला दर्ज है।

किसी भी आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का अर्थ यह नहीं होता कि आरोपी अदालत में दोषी साबित हो चुका है। मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में कौन-कौन शामिल?

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीम में परसपुर थाने के उपनिरीक्षक आकाश दीप, कांस्टेबल राहुल कुमार और महिला कांस्टेबल सीमा वर्मा शामिल थीं।

पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत वांछित आरोपियों की तलाश कर उनकी गिरफ्तारी की जा रही है।

मामले में आगे क्या होगा?

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। जांच के दौरान घटना से जुड़े अन्य तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है।

नाबालिग से जुड़े मामलों में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जाता और उसकी निजता की सुरक्षा कानूनन जरूरी है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से मामले में एक अहम मोड़ आया है। 12 मई को दर्ज हुई शिकायत के बाद वांछित चल रहे आरोपी की 3 सितंबर को गिरफ्तारी की गई है। अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में घटनाक्रम क्या था और इसमें अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।

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