Disha Salian Death Case: दिशा सालियान के पिता ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को भेजा ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस, CBI जांच के बीच बढ़ा विवाद

Disha Salian Case: ₹500 करोड़ के मानहानि नोटिस से फिर चर्चा में मामला

नई दिल्ली/मुंबई। दिशा सालियान की मौत का मामला छह साल बाद एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा मामले में FIR दर्ज किए जाने के बाद अब दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता तथा महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नोटिस में दोनों नेताओं के कथित बयानों को सतीश सालियान की प्रतिष्ठा और उनकी न्याय की मांग को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है। नोटिस में कथित तौर पर बयान वापस लेने, सार्वजनिक और लिखित माफी मांगने तथा ₹500 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की गई है। दोनों नेताओं को मांगों पर जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिए जाने की बात सामने आई है।

नोटिस में आदित्य ठाकरे को लेकर क्या कहा गया?

रिपोर्टों के अनुसार, कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे ने सतीश सालियान की अपनी बेटी की मौत की जांच की मांग को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया था।

नोटिस में इन कथित टिप्पणियों को सतीश सालियान की ईमानदारी, विश्वसनीयता और कानूनी कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठाने वाला बताया गया है। इसमें यह आरोप भी शामिल है कि आदित्य ठाकरे ने कथित तौर पर यह कहा था कि CBI पहले ही मामले की जांच कर उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है।

हालांकि, ये सभी बातें सतीश सालियान की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में लगाए गए आरोप हैं। इन आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण नहीं हुआ है।

अनिल देशमुख का नाम क्यों आया?

नोटिस में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के कथित बयान का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 23 मार्च 2025 को देशमुख ने दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था।

सतीश सालियान के नोटिस में आरोप लगाया गया है कि इस तरह के बयानों से उनकी न्याय की मांग को राजनीतिक रंग देने का प्रयास हुआ और उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।

नोटिस में इसी आधार पर दोनों नेताओं से कथित टिप्पणियां वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है।

₹500 करोड़ के साथ सार्वजनिक माफी की मांग

सतीश सालियान की ओर से भेजे गए नोटिस में केवल आर्थिक मुआवजे की मांग नहीं की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने दोनों नेताओं से बिना शर्त, स्पष्ट और सार्वजनिक लिखित माफी मांगने को कहा है।

माफी को प्रमुख प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित/प्रसारित करने की मांग भी नोटिस में की गई है। इसके अलावा दोनों नेताओं के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कम से कम तीन मिनट का वीडियो माफीनामा पोस्ट करने की मांग का भी उल्लेख है।

क्या है दिशा सालियान की मौत का मामला?

दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। उस समय पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज की थी। दिशा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी मैनेजर के तौर पर काम कर चुकी थीं। सुशांत सिंह राजपूत की मौत इसके छह दिन बाद हुई थी।

बाद में दिशा के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया और अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच तथा FIR दर्ज करने की मांग की। उनकी याचिका में कई लोगों की भूमिका की जांच की मांग का भी उल्लेख था।

CBI की नई FIR से क्यों बढ़ी हलचल?

बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी पुलिस रिकॉर्ड, शुरुआती जांच, संबंधित गवाहों, फोरेंसिक सामग्री और पोस्टमार्टम से जुड़े पहलुओं की नए सिरे से जांच कर रही है।

CBI की FIR में कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में होने की बात सामने आई है। रिपोर्टों में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती समेत कुछ अन्य लोगों का उल्लेख किया गया है। किसी व्यक्ति का FIR में नाम या जांच के दायरे में होना अपने आप में अपराध सिद्ध नहीं करता। जांच एजेंसी को आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी है।

आदित्य ठाकरे ने क्या जवाब दिया?

आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी संबंध से इनकार किया है। 16 सितंबर को सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और न ही उनकी उनसे कोई जान-पहचान थी।

उन्होंने मामले में अपना नाम जोड़े जाने को राजनीतिक और व्यक्तिगत उद्देश्य से किया जा रहा प्रयास बताया तथा CBI की आधिकारिक पुनः जांच को आगे बढ़ने देने की बात कही।

इस तरह फिलहाल मामले में एक तरफ सतीश सालियान की ओर से भेजा गया ₹500 करोड़ का कानूनी नोटिस है, वहीं दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे का आरोपों से इनकार है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और CBI की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में से कौन-से दावे जांच में प्रमाणित होते हैं।

आगे क्या होगा?

₹500 करोड़ का नोटिस अपने आप में ₹500 करोड़ का मुआवजा तय होने का अर्थ नहीं है। यह एक कानूनी मांग है, जिस पर संबंधित पक्ष जवाब दे सकते हैं और आगे की प्रक्रिया न्यायालय में जा सकती है।

वहीं दिशा सालियान की मौत की CBI जांच अभी जारी है। एजेंसी पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है। इसलिए मामले से जुड़े आरोपों, राजनीतिक दावों और सोशल मीडिया चर्चाओं के बजाय जांच में सामने आने वाले प्रमाणों को महत्वपूर्ण माना जाएगा।

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