नई दिल्ली: वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में इंडिया चैंपियंस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रविवार, 11 अक्टूबर को खेले गए मुकाबले में बांग्लादेश चैंपियंस ने युवराज सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम को महज 3 रन से हरा दिया। आखिरी ओवर तक चले इस रोमांचक मुकाबले में भारत को जीत के लिए 142 रन बनाने थे, लेकिन टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 138 रन ही बना सकी। इस हार के साथ इंडिया चैंपियंस को टूर्नामेंट में लगातार तीसरी शिकस्त झेलनी पड़ी।
मैच में बांग्लादेश की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 141 रन बनाए थे। लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन भारतीय बल्लेबाज दबाव में बिखरते नजर आए। बांग्लादेश की ओर से इनामुल हक जूनियर ने घातक गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके और अपनी टीम की जीत के सबसे बड़े नायकों में शामिल रहे।
बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बनाए 141 रन
मुकाबले में इंडिया चैंपियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती विकेट हासिल किए, लेकिन बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में संभलकर रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया।
बांग्लादेश के बल्लेबाज रोनी तालुकदार ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों पर 40 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और दो छक्के शामिल रहे। रोनी ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की और तेजी से रन बटोरे।
वहीं, अराफात सनी ने 38 गेंदों पर 37 रन बनाकर पारी को संभाला। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। नासिर हुसैन ने भी 21 गेंदों पर 24 रन का योगदान दिया। इन बल्लेबाजों की मदद से बांग्लादेश की टीम 141 रन तक पहुंचने में सफल रही।
भारतीय गेंदबाजों में पीयूष चावला सबसे प्रभावशाली रहे। उन्होंने चार ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। पवन नेगी और ऋषि धवन ने दो-दो विकेट लिए, जबकि मोहित शर्मा को एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों ने बांग्लादेश को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका, लेकिन बल्लेबाज इस प्रदर्शन का फायदा नहीं उठा सके।

142 रन का लक्ष्य, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी ने किया निराश
142 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया चैंपियंस को उम्मीद थी कि अनुभवी बल्लेबाज टीम को जीत तक पहुंचा देंगे। हालांकि, भारतीय पारी शुरुआत से ही उस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सकी, जिसकी जीत के लिए जरूरत थी।
रॉबिन उथप्पा ने छह गेंदों पर 15 रन बनाकर तेज शुरुआत देने की कोशिश की। स्टुअर्ट बिन्नी ने भी सात गेंदों पर 15 रन बनाए। लेकिन इन छोटी-छोटी पारियों को बड़ी साझेदारी में नहीं बदला जा सका। अंबाती रायुडू तीन रन बनाकर आउट हुए, जबकि युवराज सिंह और अभिमन्यु मिथुन खाता भी नहीं खोल सके।
ऐसे में टीम पर दबाव बढ़ता चला गया। भारतीय बल्लेबाजों के सामने लक्ष्य हासिल करने के लिए जरूरी रन गति बनाए रखने की चुनौती थी। विकेट गिरने के कारण पारी को संभालना और मुश्किल हो गया।
इरफान पठान की 41 गेंदों पर 24 रन की पारी चर्चा में
मैच के दौरान इरफान पठान की बल्लेबाजी भी चर्चा का विषय रही। उन्होंने 41 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 24 रन बनाए। उनकी पारी में एक चौका शामिल था। छोटे लक्ष्य का पीछा करते समय इतनी धीमी गति से रन बनना भारत के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।
हालांकि, किसी एक खिलाड़ी की पारी को हार का एकमात्र कारण मानना सही नहीं होगा। टीम को शुरुआती विकेट गंवाने, बड़ी साझेदारी नहीं बना पाने और अंतिम ओवरों में जरूरी रन जुटाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। इन सभी परिस्थितियों ने भारत की जीत की संभावनाओं को कमजोर किया।
पवन नेगी ने आखिर में 14 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाकर मुकाबले को रोमांचक बनाने की कोशिश की। पीयूष चावला ने 18 गेंदों पर 24 रन बनाए, जबकि ऋषि धवन ने भी 18 गेंदों पर 24 रन का योगदान दिया। इसके बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य से तीन रन दूर रह गई।
इनामुल हक जूनियर ने पलटा मुकाबला
बांग्लादेश की जीत में इनामुल हक जूनियर की गेंदबाजी निर्णायक रही। उन्होंने तीन ओवर में सिर्फ 12 रन देकर चार विकेट हासिल किए। भारतीय बल्लेबाजी क्रम पर उनके प्रदर्शन का गहरा असर पड़ा और इंडिया चैंपियंस लक्ष्य तक पहुंचने में नाकाम रही।
इस शानदार गेंदबाजी के लिए इनामुल हक जूनियर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। बांग्लादेश के लिए यह जीत इसलिए भी अहम रही, क्योंकि टीम को टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत मिली।
अंक तालिका में भारत की स्थिति पर बढ़ा दबाव
इस हार के बाद इंडिया चैंपियंस अंक तालिका में पांचवें स्थान पर बनी हुई थी, जबकि बांग्लादेश चैंपियंस जीत के बावजूद आखिरी स्थान पर थी। दक्षिण अफ्रीका चैंपियंस अंक तालिका में शीर्ष पर चल रही थी।
लगातार तीन हार के बाद भारतीय टीम के लिए आगे के मुकाबले बेहद अहम हो गए हैं। अनुभवी खिलाड़ियों से सजी इस टीम को अब बल्लेबाजी में बेहतर तालमेल, साझेदारियों और लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति पर ध्यान देना होगा।
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स जैसे टूर्नामेंट में पुराने सितारों का प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण होता है। लेकिन इस मुकाबले ने दिखाया कि अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद छोटे लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं होता। बांग्लादेश ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन किया और तीन रन की करीबी जीत अपने नाम कर ली।



