PM Modi Varanasi Visit: काशी के आसमान में गरजे लड़ाकू विमान, मोदी ने किया ₹150 करोड़ की टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन; महिलाओं को मिलेगा रोजगार!

वाराणसी, 25 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। उनके दौरे में औद्योगिक विकास, महिला रोजगार और भारतीय वायुसेना की हवाई ताकत से जुड़े दो प्रमुख कार्यक्रम शामिल रहे। प्रधानमंत्री ने मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई टेक्सटाइल और गारमेंट निर्माण इकाई का उद्घाटन किया। इसके बाद वह नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में शामिल हुए, जहां वायुसेना के विमानों ने गंगा के ऊपर हवाई करतब दिखाए।

इस दौरे में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम को लेकर शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। एयर शो देखने के लिए वाराणसी के विभिन्न घाटों और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुटी।

करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनी नई टेक्सटाइल इकाई

प्रधानमंत्री के दौरे का पहला प्रमुख कार्यक्रम मिर्जामुराद के खोचवां में आयोजित हुआ। यहां अरविंद लिमिटेड की नई औद्योगिक इकाई स्थापित की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग सात एकड़ क्षेत्र में तैयार इस इकाई का उद्देश्य कपड़ा और परिधान निर्माण को बढ़ावा देना है।

इस कारखाने में अंडरगारमेंट्स, टी-शर्ट, शॉर्ट्स और लोअर जैसे परिधान तैयार किए जाने की योजना है। इन उत्पादों को घरेलू बाजार के साथ निर्यात के लिए भी तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

इस इकाई के शुरू होने से वाराणसी और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। पूर्वांचल में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिहाज से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वाराणसी लंबे समय से अपने पारंपरिक वस्त्र उद्योग और बुनकरी के लिए पहचाना जाता है। आधुनिक परिधान निर्माण की इकाई स्थापित होने से क्षेत्र में कपड़ा उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को नया अवसर मिल सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक आर्थिक प्रभाव उत्पादन, बाजार की मांग और रोजगार के विस्तार पर निर्भर करेगा।

लगभग 1,000 स्थानीय महिलाओं को रोजगार देने की योजना

प्रधानमंत्री के दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू महिला रोजगार रहा। जानकारी के मुताबिक, इस इकाई में लगभग 1,000 स्थानीय महिलाओं को रोजगार देने की योजना है। इसके तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देकर परिधान निर्माण और औद्योगिक कार्यों से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी करीब 300 महिला कर्मचारियों से संवाद भी किया। इस बातचीत का उद्देश्य उनके अनुभवों और रोजगार से जुड़ी परिस्थितियों को समझना था।

स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार मिलने से परिवारों की आय बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन देने में मदद मिल सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां महिलाओं के लिए घर के आसपास नियमित रोजगार के विकल्प सीमित हैं, वहां ऐसी औद्योगिक इकाइयां नई संभावनाएं पैदा कर सकती हैं।

हालांकि, प्रस्तावित रोजगार संख्या और वास्तव में नियुक्त होने वाली महिलाओं की संख्या में अंतर हो सकता है। इसलिए परियोजना की सफलता का आकलन आगे चलकर वास्तविक नियुक्तियों, प्रशिक्षण, वेतन और रोजगार की निरंतरता के आधार पर किया जाएगा।

PM Modi Varanasi Visit: काशी के आसमान में गरजे लड़ाकू विमान, मोदी ने किया ₹150 करोड़ की टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन; महिलाओं को मिलेगा रोजगार!
PM Modi Varanasi Visit: काशी के आसमान में गरजे लड़ाकू विमान, मोदी ने किया ₹150 करोड़ की टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन; महिलाओं को मिलेगा रोजगार!

नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो बना आकर्षण

टेक्सटाइल इकाई के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री का कार्यक्रम नमो घाट पर आयोजित भारतीय वायुसेना के एयर शो से जुड़ा था। ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम से आयोजित इस प्रदर्शन में वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने हवाई करतब दिखाए।

यह आयोजन भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा था। 22 और 24 अक्टूबर के प्रदर्शनों के बाद 25 अक्टूबर को इसका अंतिम प्रदर्शन रखा गया था।

एयर शो में वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के करतबों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। विमानों की समन्वित उड़ान, अलग-अलग संरचनाओं में प्रदर्शन और हेलीकॉप्टरों के हवाई कौशल के जरिए वायुसेना की तकनीकी क्षमता प्रदर्शित की गई।

गंगा और काशी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में आयोजित इस कार्यक्रम ने इसे विशेष दृश्यात्मक पहचान दी। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा।

सुखोई, तेजस और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन पर नजर

एयर शो को लेकर लोगों में खास उत्साह था। कार्यक्रम में सुखोई-30 एमकेआई, स्वदेशी तेजस और एलसीएच प्रचंड जैसे विमानों तथा हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन की चर्चा रही। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि वायुसेना की क्षमता और विमानन तकनीक के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाना भी है।

तीन किरण विमानों ने ‘वी’ आकार में उड़ान भरते हुए तिरंगे के रंगों से जुड़ी प्रस्तुति दी। एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने भी तिरंगे के साथ विशेष संरचना में हिस्सा लिया। सूर्य किरण टीम के समन्वित हवाई करतब और सारंग टीम के हेलीकॉप्टर प्रदर्शन ने कार्यक्रम को खास बनाया।

इस तरह के प्रदर्शन युवाओं को विमानन, इंजीनियरिंग और रक्षा सेवाओं के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। हालांकि, कार्यक्रम में शामिल विमानों की सटीक संख्या और प्रत्येक विमान की भागीदारी के संबंध में आधिकारिक जानकारी को ही अंतिम माना जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए शहर में विशेष तैयारियां

प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस लाइन से नमो घाट तक कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और स्वागत स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की गई।

स्थानीय लोगों और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों, डमरू वादन और पुष्पवर्षा के जरिए स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए इंतजार किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर व्यवस्था की गई। नमो घाट और आसपास के गंगा तटों पर जल पुलिस, सुरक्षा बलों तथा आपदा राहत से जुड़े कर्मियों की तैनाती की जानकारी भी सामने आई।

एयर शो के मद्देनजर बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी उड़ानों के संचालन को लेकर अस्थायी प्रतिबंध लागू किया गया था। 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विमानों की उड़ान और आवाजाही प्रभावित रहने की सूचना दी गई थी। यात्रियों के लिए ऐसे बदलावों के दौरान एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करना जरूरी होता है।

औद्योगिक विकास और वायुसेना की ताकत का एक साथ प्रदर्शन

प्रधानमंत्री का वाराणसी दौरा दो अलग-अलग क्षेत्रों पर केंद्रित रहा। एक ओर नई टेक्सटाइल इकाई के उद्घाटन से औद्योगिक निवेश और महिला रोजगार को बढ़ावा देने की उम्मीद जताई गई, तो दूसरी ओर एयर शो के माध्यम से भारतीय वायुसेना की क्षमता का प्रदर्शन किया गया।

वाराणसी की अर्थव्यवस्था में पारंपरिक वस्त्र उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में आधुनिक परिधान निर्माण से जुड़ी परियोजना स्थानीय कामगारों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है। वहीं, एयर शो ने शहर के सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रीय रक्षा और विमानन को लेकर लोगों की रुचि बढ़ाने का अवसर दिया।

अब इस दौरे से जुड़े दोनों प्रमुख कार्यक्रमों के वास्तविक परिणामों पर नजर रहेगी—टेक्सटाइल इकाई में रोजगार कितनी तेजी से बढ़ता है और उत्पादन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को कितना लाभ मिलता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top