भारत : ने एक बार फिर दिखा दिया कि आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 6 से 7 मई की दरमियानी रात को भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, जिसमें 25 मिनट के भीतर 24 मिसाइलों के जरिए नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया।
इस ऑपरेशन में पांच आतंकी शिविर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में और चार पाकिस्तान की जमीन पर स्थित थे। यह ऑपरेशन पूरी सावधानी से किया गया ताकि आम नागरिकों या पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को कोई नुकसान न हो।
नौ आतंकी शिविरों पर प्रहार
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित पांच शिविर:
- सवाई नाला कैम्प, मुजफ्फराबाद, POK – लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग सेंटर, जहां पहलगाम हमले के आतंकियों ने प्रशिक्षण लिया था।
- मरकज सैयदना बिलाल कैम्प, मुजफ्फराबाद, POK – जैश-ए-मोहम्मद का शिविर, जहां आतंकियों को जंगल में सर्वाइवल ट्रेनिंग दी जाती थी।
- गुलपुर कैम्प, कोटली, POK – लश्कर-ए-तैयबा का बेस, जहां राजौरी और पुंछ में हमलों के लिए आतंकी तैयार होते थे।
- बरनाला कैम्प, भीमबेर, POK – हथियार और IED का स्टोर हाउस, लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य कैम्प।
- अब्बास कैम्प, कोटली, POK – लश्कर और जैश के फिदायीन दस्ते तैयार करने का अड्डा।
पाकिस्तान में स्थित चार शिविर:
- सरजल कैम्प, सियालकोट – जैश-ए-मोहम्मद का शिविर, जहां आतंकियों को सुरंगें खोदने और ड्रोन संचालन सिखाया जाता था।
- महमूना जोया कैम्प, सियालकोट – हिजबुल मुजाहिदीन का प्रशिक्षण केंद्र, जहां से आतंकियों को जम्मू और कठुआ में भेजा जाता था।
- मरकज तैयबा कैम्प, मुरीदके – लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय, जहां 26/11 मुंबई हमले के आतंकी भी प्रशिक्षित हुए थे।
- मरकज सुभानअल्लाह, बहावलपुर – जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, जहां पुलवामा हमले की साजिश रची गई थी।
ऑपरेशन सिंदूर का महत्व
ऑपरेशन सिंदूर केवल आतंकियों को खत्म करने का नहीं, बल्कि भारत की मजबूत इच्छाशक्ति का प्रमाण भी है। यह ऑपरेशन दिखाता है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।



