हरिद्वार/मेरठ | सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही कांवड़ यात्रा का धार्मिक उल्लास चरम पर है, और इसके साथ ही पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम हाई अलर्ट स्तर पर किए गए हैं।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात, ड्रोन और CCTV से मॉनिटरिंग
कांवड़ मार्ग पर हर मोड़, हर पुल और हर शहर में पुलिस की सख्त निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने बताया कि—
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2,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है।
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संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एंटी-टेरर स्क्वॉड व क्यूआरटी टीमों की भी तैनाती की गई है।
रूट डायवर्जन लागू: सिर्फ एक तरफ से चलेगा ट्रैफिक
10 जुलाई की रात 12 बजे से कांवड़ यात्रा मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है।
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अंबाला रोड और देहरादून रोड वन-वे घोषित कर दी गई हैं।
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इन मार्गों पर एक तरफ से केवल कांवड़ यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा।
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दूसरी दिशा से केवल हल्के वाहन और स्थानीय निवासियों को ही चलने की अनुमति होगी।
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17 जुलाई से सभी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
हेल्थ और इमरजेंसी सुविधा भी अलर्ट मोड पर
प्रशासन ने यात्रियों के लिए मेडिकल टीम, एंबुलेंस, फर्स्ट एड सेंटर और फूड एंड वाटर स्टॉल्स की भी व्यवस्था की है। कई एनजीओ और स्वयंसेवी संस्थाएं भी यात्रियों की सेवा में जुटी हैं।
SHO से लेकर DGP तक फील्ड में
राज्य स्तर पर पुलिस के आला अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हर ज़िले के SHO और सर्किल अफसरों को खुद फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी स्तर पर कंट्रोल रूम से पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही है।
कांवड़ियों के लिए अपील
प्रशासन ने सभी कांवड़ियों से अपील की है कि:
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निर्धारित मार्गों पर ही यात्रा करें।
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लाउडस्पीकर, डीजे साउंड और स्टंट ड्राइविंग से बचें।
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धार्मिक सौहार्द बनाए रखें और कोई भी अफवाह फैलाने से बचें।
निष्कर्ष
सावन में करोड़ों श्रद्धालु गंगा जल लाकर अपने शिवालयों में अर्पित करते हैं। इस महायात्रा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए इस बार पुलिस प्रशासन हर स्तर पर कमर कस चुका है। CCTV, ड्रोन, रूट डायवर्जन और मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर के सहारे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर कांवड़ यात्री की यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो।

