उत्तर प्रदेश : के शाहजहांपुर जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय के जन शिकायत प्रकोष्ठ को एक रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र मिला। इस पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 10 अप्रैल को जान से मारने की धमकी दी गई है।
इस पत्र में खुद को माफिया मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद का रिश्तेदार बताने वाले व्यक्ति ने लिखा है कि वह आईएसआई से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका है और पाकिस्तान से पूरी तैयारी के साथ आया है।
????️♂️ क्या लिखा है धमकी भरे पत्र में?
धमकी भरे पत्र में दो लोगों के नाम लिखे गए हैं:
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आबिद पुत्र मेहंदी अंसारी
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नफीस पुत्र नभी हसन अंसारी
(निवासी ग्राम गुनारा, थाना जलालाबाद, शाहजहांपुर)
पत्र में लिखा गया है:
“मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद को एनकाउंटर में मरवा दिया गया और उनके बेटों को जेल भेज दिया गया है। अब हम 10 अप्रैल को सीएम योगी आदित्यनाथ को मार डालेंगे। अगर शाहजहांपुर पुलिस में दम है तो रोक कर दिखाओ। पाकिस्तान से जो चाहिए था, सब कुछ मिल चुका है। हम ISI के ट्रेन्ड एजेंट हैं। मजाक समझना है तो समझो, लेकिन 10 अप्रैल तुम्हारे सीएम का आखिरी दिन होगा।”
???? पत्र के पीछे साजिश या हकीकत?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह भी आशंका है कि यह पत्र किसी रंजिश या जमीन विवाद के चलते किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने की साजिश भी हो सकती है।
पत्र 25 मार्च को शाहजहांपुर के एसपी को संबोधित था, और 4 अप्रैल को रजिस्टर्ड पोस्ट से डाक के जरिए प्राप्त हुआ। पत्र पर जो पिन कोड और मोबाइल नंबर दिए गए हैं, वे भी संदिग्ध पाए गए।
???? पुलिस की कार्रवाई: FIR दर्ज, जांच जारी
शाहजहांपुर के सदर थाने के उपनिरीक्षक दिनेश कुमार ने इस मामले में BNS की धारा 351-3, 352 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने डाकघर केरूगंज से भेजे गए पत्र की रजिस्ट्री डिटेल्स को भी शामिल करते हुए जांच शुरू कर दी है।
SP सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया:
“धमकी भरा पत्र मिलने के बाद FIR दर्ज कर ली गई है। इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।”
???? क्या कहता है विशेषज्ञ नजरिया?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के खतरे केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे राज्य की सुरक्षा प्रणाली पर हमला माने जाते हैं। यूपी जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री को मिली धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आईएसआई, पाकिस्तान और माफियाओं के नाम का जिक्र करना सीधे राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा मसला बन जाता है।
???? निष्कर्ष:
इस पूरे मामले ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और इंटेलिजेंस की सतर्कता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के लिए यह एक चुनौती है कि वो न केवल इस पत्र के पीछे की सच्चाई उजागर करे, बल्कि अगर यह साजिश है तो उसे समय रहते निष्क्रिय करे, और अगर वास्तविक खतरा है, तो सीएम योगी की सुरक्षा को और भी सख्त किया जाए।



