उत्तर प्रदेश: के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन बलरामपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में कन्या पूजन कर बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समाज में बेटियां सुरक्षित और सम्मानित होंगी तथा उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे, वहीं रामराज्य की परिकल्पना साकार हो सकती है। उनके इस बयान के साथ बालिका शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और सरकारी योजनाओं के जरिए बच्चों को बेहतर अवसर देने का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है।
रविवार को देवीपाटन मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने नौ कन्याओं का पूजन किया, उन्हें चुनरी ओढ़ाई और उपहार भेंट किए। उन्होंने मां पाटेश्वरी से प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान को भारतीय संस्कृति की परंपरा बताते हुए कहा कि पूजा-अर्चना तभी सार्थक है, जब समाज की महिलाओं को वास्तविक जीवन में भी गरिमा, सुरक्षा और समान अवसर मिलें।
‘बेटियों का सम्मान ही रामराज्य की असली पहचान’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प ही रामराज्य की वास्तविक पहचान है। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उनके संदेश का मुख्य केंद्र यह था कि महिलाओं के सशक्तीकरण को केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक जीवन में बराबरी के अवसर भी जरूरी हैं।
नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की महिला कल्याण और बालिका शिक्षा से जुड़ी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब बेटियों को अपनी प्रतिभा विकसित करने का पूरा अवसर मिले।
बालिका शिक्षा को लेकर क्या बोले योगी?
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले कई स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं की कमी थी, जिसके कारण लड़कियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी।
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम किया गया है। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ स्कूली बच्चों को हर साल यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, स्वेटर और जूते-मोजे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री के संबोधन में दिए गए विवरण पर आधारित है।

‘शिक्षा की उड़ान’ से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन
बलरामपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया गया। विभिन्न परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल, स्टेशनरी किट और आशीर्वाद पत्र दिए गए।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रोत्साहित किया गया। कुछ छात्राओं ने मुख्यमंत्री को अपने बनाए ग्रीटिंग कार्ड, पुष्पगुच्छ, कविता और पुस्तक भेंट की।
इस तरह कार्यक्रम में धार्मिक आयोजन के साथ शिक्षा और बच्चों के भविष्य से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता दी गई।
खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को भी सम्मानित किया। खिलाड़ियों को पुरस्कार और ट्रैकसूट देकर प्रोत्साहित किया गया।
सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं में लंबी कूद में उपलब्धि हासिल करने वाली कंचन, जूडो में रजत पदक विजेता प्राची जैन और कांस्य पदक जीतने वाली संध्या यादव तथा ममता शामिल थीं। ताइक्वांडो में उपलब्धि हासिल करने वाली पलक शुक्ला और अनाया गुप्ता सहित अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मान मिला।
मुख्यमंत्री का संदेश था कि बेटियों को पढ़ाई के साथ खेल और अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। उनकी प्रतिभा को पहचानना और प्रोत्साहित करना महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने मिशन शक्ति जैसी पहलों, महिलाओं के लिए सरकारी सहायता और संपत्ति में अधिकार जैसे विषयों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं के नाम गैस कनेक्शन और शौचालय निर्माण जैसी पहलों का भी जिक्र किया।
इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं की गरिमा, स्वास्थ्य और जीवन की परिस्थितियों में सुधार करना है। हालांकि, योजनाओं की वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन उनके क्रियान्वयन, लाभार्थियों तक पहुंच और जमीनी परिणामों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
किसानों और विकास योजनाओं पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विराट किसान मेले का शुभारंभ किया और किसानों को कृषि यंत्र वितरित किए। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीक, यंत्रीकरण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना और उसकी शाखाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाएं मजबूत होने से किसानों को लाभ मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और किसानों की मौजूदगी रही।



