मथुरा में चार साल की मासूम से दुष्कर्म का आरोप: स्कूल से खून से लथपथ लौटी बच्ची, परिजनों का आरोप- स्कूल प्रशासन और पुलिस ने बरती लापरवाही

मथुरा, उत्तर प्रदेश : के मथुरा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां नर्सरी में पढ़ने वाली 4 वर्षीय बच्ची खून से लथपथ हालत में स्कूल से घर लौटी। परिजनों ने बलदेव पब्लिक स्कूल पर गंभीर आरोप लगाते हुए दुष्कर्म की आशंका जताई है।


???? क्या है पूरा मामला:

बलदेव थाना क्षेत्र निवासी बच्ची के पिता ने बताया कि उन्होंने 25 मार्च को बेटी का दाखिला बलदेव पब्लिक स्कूल में कराया था। 15 अप्रैल को बच्ची रोज की तरह स्कूल गई, लेकिन जब दोपहर में घर लौटी, तो उसकी हालत देख पूरा परिवार सन्न रह गया।

परिजनों के अनुसार, बच्ची के शरीर से खून बह रहा था और वह मानसिक रूप से बेहद आहत लग रही थी। उन्होंने तुरंत स्कूल प्रशासन और पुलिस को सूचित किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल की।


????️‍♂️ पुलिस की प्रारंभिक जांच और मेडिकल परीक्षण

घटना की सूचना के बाद बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बुधवार को बलदेव पब्लिक स्कूल के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

सीओ धर्मेंद्र चौहान ने कहा कि,

“जांच जारी है, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं।”


???? स्कूल प्रशासन का इनकार, CCTV फुटेज की जांच

स्कूल के डायरेक्टर डॉ. अशोक सिकरवार ने आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि,

“स्कूल परिसर में बच्ची के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई है। सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल ली गई है और कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।”


???? राजनीतिक प्रतिक्रिया: कांग्रेस जिलाध्यक्ष पहुंचे परिजनों के पास

घटना के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा,

“यह शर्मनाक घटना है और पुलिस का लचर रवैया दुखद है। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो परिजनों को इस मानसिक पीड़ा से न गुजरना पड़ता। हम पीड़िता को न्याय दिलवाकर रहेंगे।”


???? पुलिस पर सवालिया निशान

इस पूरे प्रकरण में एक बार फिर उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार थाने के चक्कर लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आरोप यह भी है कि स्कूल प्रशासन का प्रभाव पुलिस पर हावी रहा।


❗ निष्कर्ष:

मथुरा की यह घटना सिर्फ एक मासूम की पीड़ा नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता का उदाहरण भी है। अभी तक की जांच में कई सवाल अनुत्तरित हैं –

  • बच्ची के शरीर पर खून के निशान कैसे आए?

  • अगर स्कूल निर्दोष है तो ये हालत कैसे हुई?

  • क्यों पुलिस ने पहले शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं की?


???? हम अपील करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच हो ताकि दोषी को सख्त सजा और मासूम को न्याय मिल सके।

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