बहराइच, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बहराइच में आयोजित महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने मुस्लिम वोटबैंक की चिंता में विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन किया और राष्ट्रनायकों को उनका हकदार सम्मान नहीं दिया। सीएम ने इस अवसर पर बहराइच को 1243 करोड़ रुपये की 384 विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी।

‘वोटबैंक की राजनीति ने महापुरुषों का सम्मान रोका’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा, “महाराजा सुहेलदेव समेत अन्य महापुरुषों को पहले क्यों सम्मान नहीं मिल पाया? इनके नाम पर भव्य स्मारक, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय पहले क्यों नहीं बने? क्योंकि उन्हें वोटबैंक की चिंता थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों को डर था कि महापुरुषों का नाम रखने पर उनकी तुष्टिकरण की नीति फेल न हो जाए।
योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भाजपा सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मना रही थी और प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थापित कराई, तब समाजवादी पार्टी ‘राष्ट्रतोड़क जिन्ना का गुणगान’ कर रही थी। उन्होंने आगे कहा, “जब हम महाराजा सुहेलदेव के विजयोत्सव को मनाने की बात करते थे, तब सपा व कांग्रेस में होड़ लगती थी कि गाजी मियां का विवाह होना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से कहा, “विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन बंद और राष्ट्रनायकों का सम्मान होना चाहिए।”

महाराजा सुहेलदेव स्मारक का अनावरण और विकास की सौगातें
मुख्यमंत्री ने चित्तौरा ब्लॉक के मसीहाबाद ग्रामसभा में 40 करोड़ रुपये की लागत से बने महाराजा सुहेलदेव स्मारक का उद्घाटन किया और उनकी 40 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। सीएम ने गाजी के नाम पर होने वाले आयोजनों को पूरी तरह से बंद कराने के लिए आयोजकों और स्थानीय नागरिकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने महाराजा बलभद्र सिंह को भी उनकी जयंती पर याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने महाराजा सुहेलदेव को सम्मान देने का संकल्प लिया है, जिन्होंने एक हजार वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं को जवाब देने की मिसाल प्रस्तुत की थी। इसी क्रम में, बहराइच के मेडिकल कॉलेज का नाम महाराजा सुहेलदेव, हॉस्पिटल का नाम बालार्क ऋषि और आजमगढ़ के राज्य विश्वविद्यालय का नामकरण भी महाराजा सुहेलदेव के नाम पर रखा गया है। उन्होंने घोषणा की कि बहराइच का मुख्य आयोजन महाराजा सुहेलदेव, बालार्क ऋषि और इस मंडल का मुख्य आयोजन मां पाटेश्वरी के नाम पर होगा, किसी विदेशी आक्रांता के नाम पर नहीं।
‘सालार मसूद को मिली जहन्नुम में जाने की गारंटी’
सीएम ने सालार मसूद के बारे में बात करते हुए कहा कि गजनी से तीन लाख की सेना लेकर भारत को लूटने चले इस आक्रांता के लिए महाराजा सुहेलदेव ने अपनी कूटनीति से मथुरा से लेकर बहराइच तक बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कहा, “चित्तौरा में महाराजा सुहेलदेव के 20-25 हजार वीर बांकुरों ने सालार मसूद के डेढ़ लाख आक्रांताओं को गाजर-मूली की तरह काटा। सालार मसूद को यहां जिंदा पकड़ लिया गया। उसे ऐसी सजा हुई, जो इस्लाम के अनुसार जहन्नुम में जाने की गारंटी देता है।”

योगी आदित्यनाथ ने भाजपा और सुभासपा के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का उत्साह साबित करता है कि अब मेला महाराजा सुहेलदेव का होना चाहिए, सालार मसूद का नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘पंच प्रण’ का जिक्र करते हुए विरासत का सम्मान, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, कानून का सम्मान और एकता के प्रदर्शन पर जोर दिया।
राष्ट्रनायकों का सम्मान, वंचितों का उत्थान: सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी का प्रण था कि राष्ट्रनायकों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इतिहास ने भले ही महाराजा सुहेलदेव के साथ नाइंसाफी की हो, लेकिन डबल इंजन सरकार उनके साथ नाइंसाफी नहीं होने देगी।
उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे अन्य कार्यों का भी उल्लेख किया, जिनमें महाराजा बिजली पासी का लखनऊ में भव्य स्मारक, 1857 की क्रांति की वीरांगनाओं रानी लक्ष्मीबाई, अवंती बाई लोधी, ऊदा देवी और झलकारी बाई के सम्मान में किए जा रहे कार्य शामिल हैं। लखनऊ में बाबा साहेब आंबेडकर के नाम पर स्मारक व सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण भी चल रहा है, जिसका संचालन एससी/एसटी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप के साथ होगा।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, पंचायती राज/अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर, पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह समेत कई सांसद और विधायक मौजूद रहे।

बच्चों का अन्नप्राशन और लाभार्थियों को चेक वितरण
मुख्यमंत्री ने प्रियंका, सुमित्रा, सावित्री, सीमा और रजनी के बच्चों का अन्नप्राशन कराया और इन बच्चों का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर रखा गया। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थी कैलाश कुमार, चंद्रशेखर और प्रमोद कुमार को पांच-पांच लाख रुपये का चेक भी प्रदान किया।
बहराइच को मिली विकास की सौगातें
सीएम योगी ने बहराइच को मिली लगभग साढ़े 1200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लिए नागरिकों को बधाई दी। इन परियोजनाओं में कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन विकास, बुनियादी सुविधाएं, ब्रिज निर्माण, स्वास्थ्य केंद्र, जल जीवन मिशन और बाढ़ बचाओ योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2021 में पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया था और कहा कि पहले प्रशासन विजयोत्सव मनाने में रुकावटें डालता था, लेकिन आज डबल इंजन सरकार को कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
कार्यकर्ताओं का आभार और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्हैया लाल रूपाणी, मुकुट बिहारी वर्मा, अक्षयवर लाल गोंड़, सुरेश्वर सिंह, अनुपमा जायसवाल, पद्मसेन चौधरी, श्याम करन टेकरीवाल, कृष्ण मोहन गोयल, दिलीप गुप्ता जैसे नागरिकों और कार्यकर्ताओं का नाम लेकर हौसला बढ़ाया, जिन्होंने दशकों से बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के सम्मान की मांग रखी थी। उन्होंने दिवंगत हनुमान प्रसाद शर्मा और संतराम सिंह को भी श्रद्धांजलि दी।
सीएम ने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष से यह कार्यक्रम तीन दिवसीय होगा। उन्होंने शोध कार्यक्रम, महाराजा सुहेलदेव स्मृति न्यास की पत्रिका को घर-घर तक पहुंचाने, छात्रों को स्कॉलरशिप देने और अच्छी लाइब्रेरी के निर्माण पर जोर दिया, ताकि आने वाले समय में महाराजा सुहेलदेव जैसे राष्ट्रनायकों के नाम को कोई इतिहास के पन्नों से गायब न कर सके।



