मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में आज एक बड़ा और भीषण हादसा हो गया, जब गोविंद नगर क्षेत्र के शाहगंज दरवाजा स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के पास एक पुराना टीला अचानक खिसक गया। इस घटना के कारण तीन मकान देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में करीब एक दर्जन लोग दबे हुए हैं, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हो सकते हैं।
अचानक खिसका टीला, मलबे में तब्दील हुए मकान
यह हादसा रविवार को हुआ। शाहगंज दरवाजा क्षेत्र में सिद्ध बाबा मंदिर के पास एक बहुत पुराना टीला था, जो आज अचानक खिसकने लगा। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम में तीन मकानों को अपनी चपेट में ले लिया और वे कुछ ही पलों में मलबे में बदल गए। मकानों में रहने वाले परिवार और पास ही निर्माणाधीन दीवार पर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
एक दर्जन लोगों के दबे होने की आशंका, बच्चों की भी चिंता
प्रारंभिक सूचना के अनुसार, मकान में रहने वाले परिवार के सदस्यों और मजदूरों को मिलाकर करीब एक दर्जन लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। प्रत्यक्षदर्शियों ने आशंका जताई है कि इनमें कई बच्चे भी हो सकते हैं, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक बन गई है।
बचाव कार्य जारी, एक युवक गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। जेसीबी और अन्य मशीनों के जरिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है। अब तक मलबे से एक युवक को निकाला जा सका है, जिसे गंभीर हालत में तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया है। मलबे के अंदर फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास जारी हैं।
प्रत्यक्षदर्शी की आपबीती: ‘आंखों से देखा टीला गिरते हुए’
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी, लेखपाल संजय रोहिला ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि घटनास्थल के पास ही उनका घर है और वह अपनी कार गैराज से निकालने के लिए बाइक से आए थे। उनके साथ उनकी पत्नी और बेटा भी थे। तभी अचानक से टीला गिरता हुआ नजर आया। संजय ने बताया कि वह अपनी बाइक को वहीं छोड़कर परिवार के साथ किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे।
संजय रोहिला ने आगे बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से टीला गिरते हुए देखा और इस दौरान दो बच्चे ऊपर से मलबे के साथ नीचे गिरे। साथ ही, मौके पर काम कर रहे कई मजदूर भी मलबे में दब गए। इस दौरान मलबे की चपेट में आने से संजय को भी कुछ चोटें आई हैं।
यह हादसा मथुरा में असुरक्षित टीलों और जर्जर ढांचों पर ध्यान आकर्षित करता है। स्थानीय प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, सभी की प्रार्थनाएं मलबे में दबे लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए हैं।

