लखनऊ: राजधानी लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए बड़े पैमाने पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने का खुलासा हुआ है। एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर इन कॉल सेंटरों ने करीब 2 हजार लोगों से लाखों रुपये की ठगी की। लखनऊ पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने दो फर्जी कॉल सेंटरों पर छापा मारकर 9 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया है।
10% कमीशन फिक्स – जैसे ही पीड़ित पैसा भेजे, रकम का बंटवारा तय
पुलिस जांच में सामने आया कि इन कॉल सेंटरों में “कमीशन सिस्टम” तय था। जैसे ही कोई बेरोजगार युवा झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर करता था, उस ठगी की रकम का 10% कमीशन कॉल करने वाले को मिलता था, जबकि बाकी पैसा सरगना तक पहुंचता था।
एयरलाइंस में नौकरी का झांसा देकर की जाती थी ठगी
गिरफ्तार आरोपी एयर इंडिया, इंडिगो जैसी नामी एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का वादा करते थे। फर्जी इंटरव्यू कॉल, जॉइनिंग लेटर और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर 2000 से 8000 रुपये तक वसूले जाते थे। ठगी का यह सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा था।
डेटा चोरी कर बनाते थे शिकार
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नौकरी ढूंढने वाले युवाओं का डेटा नौकरी पोर्टल्स और सोशल मीडिया से चोरी करके या सस्ते में खरीदकर इस्तेमाल करते थे। फिर उन्हें कॉल कर एयरलाइंस में जॉब ऑफर दिया जाता था।
गिरफ्तार हुए आरोपी कौन हैं?
पुलिस के अनुसार, 9 युवक-युवतियों की टीम कॉल सेंटर में काम कर रही थी। सभी की उम्र 20 से 28 वर्ष के बीच है और ज्यादातर ने हाल ही में कॉलेज पास किया है।
उनके पास से पुलिस ने कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक, ATM कार्ड और रजिस्टर बरामद किए हैं।
सरगना फरार, पुलिस कर रही तलाश
इस गिरोह का मास्टरमाइंड फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसके बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, वह पहले भी ऐसे फ्रॉड नेटवर्क चला चुका है और उसके खिलाफ अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज हैं।
बेरोजगारों को चेतावनी – सतर्क रहें, सत्यापित करें
लखनऊ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी नौकरी ऑफर आने पर संबंधित कंपनी की वेबसाइट पर जाकर वेरीफाई करें, किसी अनजान नंबर या अकाउंट में पैसे ट्रांसफर न करें। साथ ही किसी भी जॉब कॉल को लेकर संदेह हो तो साइबर सेल से संपर्क करें।
निष्कर्ष:
बढ़ती बेरोजगारी के बीच ऐसे फर्जी कॉल सेंटर मासूम युवाओं की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। लखनऊ पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन साइबर फ्रॉड के इस जाल से बचने के लिए जनजागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।



