18 दिन अंतरिक्ष में रहकर पृथ्वी पर लौटे शुभांशु शुक्ला: कैलिफोर्निया तट पर स्प्लैशडाउन, ISS पर जाने वाले पहले भारतीय बने

कैलिफोर्निया | भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में 18 दिन बिताने के बाद 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापसी की। उनके साथ 3 अन्य अंतरिक्षयात्री भी थे। चारों ने ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में यात्रा की, जो कैलिफोर्निया तट पर पैराशूट की मदद से समुद्र में स्प्लैशडाउन हुआ।

यह मिशन एक्सियम स्पेस-4 के तहत हुआ, जिसमें शुभांशु को ISS (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) भेजा गया था। शुभांशु इस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय और दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत स्पेस मिशन में हिस्सा लिया था।


पीएम मोदी ने दी बधाई, बोले— अरबों सपनों को दी प्रेरणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभांशु की सकुशल वापसी पर देश की ओर से बधाई संदेश ट्वीट कर कहा—

“मैं पूरे देश के साथ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का उनकी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा से पृथ्वी पर वापसी के लिए स्वागत करता हूं। उनका समर्पण, साहस और कर्तव्यबोध अरबों सपनों को प्रेरणा दे रहा है। यह गगनयान की दिशा में एक मील का पत्थर है।”


मिशन टाइमलाइन:

  • 25 जून: दोपहर 12 बजे (IST) कैनेडी स्पेस सेंटर से फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए उड़ान

  • 26 जून: शाम 4:01 बजे (IST) अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश

  • 14 जुलाई: शाम 4:45 बजे ISS से अनडॉक

  • 15 जुलाई: दोपहर 3 बजे कैलिफोर्निया तट पर स्प्लैशडाउन


शुभांशु ने स्पेस में क्या किया?

✅ 60 वैज्ञानिक प्रयोग:
भारत समेत कई देशों के वैज्ञानिक प्रयोगों में हिस्सा लिया। उन्होंने मेथी व मूंग के बीज उगाने, हड्डी की सेहत, और स्पेस माइक्रोएल्गी जैसे प्रयोगों में सक्रिय योगदान दिया।

✅ प्रधानमंत्री से संवाद:
28 जून को लाइव वीडियो कॉल में पीएम मोदी से बात की। गाजर का हलवा ले जाने और साथियों को खिलाने का किस्सा भी साझा किया।


भारत लौटने की संभावित तारीख: 17 अगस्त

लैंडिंग के बाद सभी अंतरिक्षयात्रियों को मेडिकल परीक्षण और रिहैबिलिटेशन से गुजरना होता है। शुभांशु के 17 अगस्त तक भारत लौटने की संभावना है।


गगनयान की ओर एक बड़ा कदम

शुभांशु का अनुभव गगनयान मिशन की नींव को और मजबूत करेगा। यह भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसे 2027 तक लॉन्च किया जा सकता है।


एक्सियम मिशन 4 और भारत की भागीदारी

  • शुभांशु एक्सियम स्पेस-4 के हिस्से हैं, जिसमें एक सीट के लिए भारत ने 548 करोड़ रुपये खर्च किए।

  • मिशन स्पेसएक्स, नासा, इसरो और एक्सियम की संयुक्त पहल है।


इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन क्या है?

ISS एक बड़ा अंतरिक्ष यान है जो पृथ्वी के चारों ओर 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से घूमता है। हर 90 मिनट में यह पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करता है। इसे नासा, ESA, रूस, जापान और कनाडा की सहयोगी स्पेस एजेंसियों ने मिलकर बनाया है।

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