लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार एक और बड़ी तकनीकी पहल करने जा रही है। पहले से लागू ड्रोन निगरानी, जियो-फेंसिंग, RFID माइनिंग टैग और AI आधारित चेकगेट्स के बाद अब राज्य सरकार ‘वेट इन मोशन (WIM)’ तकनीक को अपनाने जा रही है, जिससे वाहनों की ओवरलोडिंग की वास्तविक समय में सटीक जांच संभव होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अवैध खनन और परिवहन पर शत-प्रतिशत नियंत्रण पाया जा सकेगा।
आधुनिक निगरानी प्रणाली का निर्माण: 25 जिलों में स्थापित किए गए AI आधारित चेकगेट
राज्य के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने अब तक निगरानी के लिए 57 मानव रहित IoT/AI आधारित चेकगेट्स स्थापित किए हैं, जिन्हें लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से जोड़ा गया है। इन चेकगेट्स के जरिए वाहनों पर लगे RFID टैग्स से खनिज परिवहन की ट्रैकिंग हो रही है। अब अगला कदम ‘वेट इन मोशन’ तकनीक को लागू करने का है, जिसके लिए विभाग ने परिवहन आयुक्त से सहयोग मांगा है।
ड्रोन तकनीक से खनन क्षेत्रों की निगरानी होगी और प्रभावी
राज्य सरकार अब ड्रोन सर्वे और निगरानी को और बढ़ावा देने जा रही है। इसके लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स, डेस्को और श्रीट्रोन इंडिया लिमिटेड जैसी संस्थाओं से तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव मंगवाए गए हैं। ड्रोन की मदद से खनन क्षेत्रों की सटीक निगरानी और मैपिंग की जा सकेगी, जिससे अवैध खनन की पहचान और रोकथाम आसान होगी।
खनन सेवाओं का डिजिटलीकरण: ‘माइन मित्र’ पोर्टल को ‘परिवेश’ से जोड़ने की तैयारी
खनन सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से upminemitra.in पोर्टल को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के ‘परिवेश पोर्टल’ से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे पर्यावरणीय मंजूरी और अनुपालन रिपोर्टिंग में पारदर्शिता आएगी, और खनन के प्रत्येक चरण की रीयल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।
📦 बॉक्स: क्या है ‘वेट इन मोशन’ तकनीक?
‘वेट इन मोशन (WIM)’ एक अत्याधुनिक तकनीक है जो खनन और मालवाहन ट्रकों के चलते समय ही उनका वजन मापने की क्षमता रखती है। इसमें सड़क पर लगे सेंसर वाहन के भार, गति और संरचना की रीयल टाइम निगरानी करते हैं। यह न केवल ओवरलोडिंग रोकने में मददगार है, बल्कि इससे डेटा के आधार पर त्वरित निर्णय लिए जा सकते हैं। इसके लाभों में शामिल हैं:
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स्टॉपलेस निरीक्षण से समय और संसाधनों की बचत
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सड़क सुरक्षा में सुधार
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ओवरलोडिंग पर स्वतः नियंत्रण
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पर्यावरणीय प्रभाव में कमी
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नियामक अनुपालन सुनिश्चित
निष्कर्ष:
योगी सरकार की यह पहल खनन क्षेत्र में तकनीक के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दे रही है। ‘वेट इन मोशन’ के जुड़ने से अवैध खनन पर सटीक और तेज कार्रवाई संभव होगी। इसके साथ ही ड्रोन निगरानी और पोर्टल एकीकरण जैसे कदम उत्तर प्रदेश को देश के सबसे पारदर्शी और संगठित खनन प्रशासन की ओर ले जा रहे हैं।

