उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कमरूल हक नाम के एक युवक ने खुद को ‘विवेक’ बताकर एक हिंदू युवती से आर्य समाज मंदिर में शादी की और 7 साल तक घरजमाई बनकर उसके घर में ही रहा।
घटना लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र की है, जहाँ पीड़िता ने बताया कि शादी से पहले युवक ने अपना नाम और पहचान छुपाकर हिंदू धर्म अपनाने की बात कही थी। उसने युवती को विश्वास दिलाया कि वह विवेक नाम से हिंदू है और दोनों ने आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया।
7 साल तक छुपाया सच, अब फरार:
शादी के बाद युवक ने ससुराल में ही रहने का निर्णय लिया और 7 साल तक वहीं रहा। लेकिन जब युवती ने बार-बार अपने ससुराल जाने की बात कही, तो वह टालमटोल करता रहा। धीरे-धीरे महिला को शक हुआ और जब उसने उसके दस्तावेज़ों की जांच की तो असलियत सामने आई कि वह कमरूल हक है और मुसलमान है।
जब महिला ने उससे सच्चाई के बारे में पूछा और ससुराल चलने का दबाव डाला तो वह एक साल पहले फरार हो गया। महिला ने बताया कि वह अब तक लगातार उसे ढूंढ रही है लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस में दी गई तहरीर:
घटना के सामने आने के बाद मलिहाबाद थाने में पीड़िता ने युवक के खिलाफ धोखाधड़ी, धार्मिक पहचान छुपाकर विवाह करने और महिला उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश:
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थानीय लोग इस तरह की फर्जी पहचान बनाकर धोखे से शादी करने की प्रवृत्ति पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में अविश्वास और भय का माहौल बनाती हैं।
निष्कर्ष:
लखनऊ की इस घटना ने एक बार फिर से फर्जी पहचान बनाकर शादी करने जैसे गंभीर अपराध की ओर ध्यान आकर्षित किया है। महिला की बहादुरी और उसकी सच्चाई सामने लाने की कोशिशों से यह मामला उजागर हुआ है। अब देखना होगा कि आरोपी कमरूल हक पुलिस की गिरफ्त में कब आता है और उसे उसके कृत्य की सजा कब मिलती है।

