‘साहब हाथ पकड़ते हैं, कमरे में बुलाते हैं’: महिला सुरक्षा की आड़ में ACS पर गंभीर आरोप, IGRS और PMO तक पहुंची शिकायतें

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कड़ी कार्रवाई के बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में महिला सुरक्षा को लेकर चर्चा हो रही थी, तभी एक वरिष्ठ IAS अधिकारी पर महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि यह अधिकारी छुट्टी के दिनों में भी महिलाओं को अपने कमरे में बुलाकर उनके साथ अनुचित व्यवहार करते हैं।

???? शिकायतें IGRS और PMO तक पहुंची

इस मामले में प्रभावित महिलाओं ने उत्तर प्रदेश सरकार के IGRS पोर्टल के माध्यम से और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी शिकायतें भेजी हैं। महिलाओं का कहना है,
“साहब हाथ पकड़ते हैं, कमरे में बुलाते हैं। यह सिलसिला छुट्टी के दिन भी जारी रहता है।”

वहीं, कई महिलाएं इस गम्भीर मसले पर खुलकर सामने आई हैं और न्याय की गुहार लगा रही हैं। उन्होंने बताया कि जब भी वे कार्यालय में अपना काम निपटाने आती हैं, उन्हें अधिकारी के कमरे में बुलाया जाता है, जहां उन्हें असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

⚡ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प के विपरीत स्थिति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में महिला सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की घोषणा की थी। उन्होंने एंटी रोमियो स्क्वॉड को प्रभावी बनाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया था। लेकिन इस प्रकार की घटनाएं सीधा विरोधाभास बनकर सामने आ रही हैं।

⚠️ प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

इस आरोप के सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि अधिकारियों की ओर से जांच के आदेश दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं समाज के विभिन्न वर्ग इस मामले को लेकर चिंता प्रकट कर चुके हैं।

✅ न्याय की उम्मीद

विवादित IAS अधिकारी के खिलाफ शिकायतें IGRS और PMO तक पहुँचने के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत सख्त जांच की संभावना है। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्हें सिस्टम से पूरा समर्थन चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे अधिकारी समाज में कभी भी ऐसी हरकत न कर सकें।

???? निष्कर्ष:

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर सख्त नियम और कार्रवाई की आवश्यकता एक बार फिर स्पष्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला सुरक्षा की दिशा में प्रयासरत प्रशासन के सामने यह मामला चुनौती बनकर खड़ा हो गया है। समय रहते उचित जांच एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि प्रदेश की महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें।

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