
लेखक – शैलेंद्र सिंह
मेरी अविस्मरणीय यात्रा
सभी लोगों को अनोखे और विचित्र जगह पर घूमना पसंद होता है। घूमने से हमें उस क्षेत्र के बारे में जानकारी मिलती है। मुझे भी नए जगहों पर घूमना काफी पसंद है। इस वजह से मैं अक्सर विभिन्न जगहों पर घूमने जाता रहता हूं। ऐसी नौकरी में हूं कि हमेशा चलता ही रहता हूं तरह तरह के लोग तरह तरह के अनुभव कुछ दिन पहले में मैंने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का सफर किया, जो मेरे लिए कभी ना भूलने वाला सफर रहेगा।
अगर आप शिमला जाएंगे तो सबसे पहले वहां के साफ सफाई को देखकरआश्चर्यचकित रह जाएंगे बात 2022 की है जब है मै शिमला गया शिमला, हिमाचल प्रदेश की राजधानी, \”पहाड़ों की रानी\” के नाम से भी जाना जाता है। यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जो 2,200 मीटर की ऊँचाई पर बसा है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, औपनिवेशिक विरासत और भव्य पुरानी इमारतों के लिए प्रसिद्ध है। 1864 में, इसे ब्रिटिश भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया था
विशेषताएं
मॉल रोड: यह शिमला का सबसे प्रसिद्ध और जीवंत हिस्सा है।
रिज: यहाँ से पहाड़ियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है।
वाइसरॉय लॉज (भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान): ब्रिटिश काल की इमारतें
शिमला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सेब के उत्पादन, स्थानीय शिल्प और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है।
मैं शाम को करीब 8.30 pm शिमला में पहुंचा सचमुच बहुत ही मनमोहक स्थान देखकर आंखे चकाचौध लेकिन वहां कोई जानने वाला नहीं मै अपने खास मित्र के साथ बाहर घूम रहा था
सोच रहा था कि कहा कैसे रुके कि सभी सुंदर वादियों को देख सके धीरे धीरे रात हो रही थी ठहरने का कोई ठिकाना अभी तक नहीं मिला था अनजान शहर की क्या होगा तभी एक ऑटो चालक ने पूंछ लिया साहब कहा चलना है बताया कि घूमने आए हैं किसी ऐसी जगह पर ठहरा दे कि हम लोगों को घूमने में आसानी रहेगी चालक का नाम मौसम सिंह था जो वहां के हिसाब एक दम सही मौसम सिंह हम दोनों मित्रो को लेकर चल दिया सुनसान स्थानो में डर लग रहा था कि कही कोई घटना न हो जाए लगभग एक घंटा बीता हम लोगों को एक होटल पर रोक कर बोला साहब ये बहुत अच्छा होटल है यहां से सभी घूमने वाले स्थान नजदीक पड़ेंगे अब जाकर हम दोनों में जान आई कि कोई घटना नहीं हुई है खैर रात ज्यादा हो गई थी
इसीलिए हम दोनों सो गए सुबह हुई और हम दोनों नाश्ता करके तैयार होकर टैक्सी से निकले घूमने सच में इतना सुंदर की शब्द कम हो जाए हम कल्पना स्वर्ग की करते हैं लेकिन वहां दिसंबर के माह में स्वर्ग ही दिख रहा हो वहां के इतने ईमानदार लोग वहां की पुरानी परिधानों को धारण करने के बाद एक अलग ही अहसास था पहाड़ियों और ऊंचे ऊंचे पेड़ जमीन पर पड़ी बर्फ की चादर मन को मोह ले रही थी तीन दिन तक घूमना ऐसा लगा कि हम लोग प्रकृति की गोंद में खेल रहे हो आखिर हम लोग उन वादियों को देख कर घर की तरफ चल पड़े ।।
हर सफर, हर कहानी कुछ सिखा जाती है” या “जिंदगी की राहों में, हर मोड़ कुछ कहता है”

