उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। धानेपुर थाना क्षेत्र के कल्याण नगर में 5 साल की मासूम बच्ची को आवारा कुत्तों ने नोच-नोचकर मार डाला। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में आक्रोश है।
टॉयलेट के लिए गई थी बाहर, अचानक हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, कल्याण नगर निवासी विशुन लाल की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी मुस्कान (5 वर्ष) और छोटी बेटी महक (4 वर्ष)। शनिवार को मुस्कान घर से बाहर टॉयलेट के लिए गई थी। इसी दौरान दो आवारा कुत्तों ने उस पर अचानक हमला कर दिया।
कुत्तों ने बच्ची के चेहरे, हाथ और शरीर के कई हिस्सों पर बुरी तरह काट लिया। मासूम की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
जमीन पर तड़पती रही मासूम
परिजनों के अनुसार, बच्ची जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। उसके शरीर में केवल हाथ-पैर हिल रहे थे और चारों ओर खून फैला हुआ था। कुछ ही दूरी पर खड़ी उसकी छोटी बहन महक पर कुत्तों की नजर नहीं पड़ी, जिससे वह सुरक्षित बच गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक मुस्कान की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई मौत
परिवार वाले तुरंत बच्ची को गोद में उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मुजेहना लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जब परिजन बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप और परिजन चीख-चीखकर रोने लगे।
बताया जा रहा है कि बच्ची के पिता मुंबई में निजी नौकरी करते हैं। घटना के समय वे घर पर मौजूद नहीं थे।
पोस्टमॉर्टम से किया इनकार
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। धानेपुर थानाध्यक्ष राजेश सिंह के मुताबिक, परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और बच्ची का शव लेकर घर चले गए।
ग्रामीणों में आक्रोश, बोले- लंबे समय से है कुत्तों का आतंक
गांव वालों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है।
स्थानीय प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि आवारा कुत्तों को पकड़वाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कुत्तों के हमलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
देश के कई हिस्सों में बढ़ती डॉग अटैक की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी चिंता जता चुका है। समय-समय पर स्थानीय प्रशासन को आवारा कुत्तों के प्रबंधन और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर हालात कई जगह चिंताजनक बने हुए हैं।
गोंडा की यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए असहनीय त्रासदी है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। एक मासूम की जान चली गई, जिसे शायद समय रहते रोका जा सकता था। अब जरूरत है कि प्रशासन ठोस और स्थायी कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग इस तरह न बुझे।



