गोंडा, उत्तर प्रदेश | पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गोंडा जिले को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। नवाबगंज के कल्याणपुर वन ब्लॉक में राज्य का पहला नगर वन विकसित किया जाएगा।
केंद्र सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए 1.10 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह योजना राष्ट्रीय CAMPA (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority) के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।
परियोजना का कुल बजट और विशेषताएं:
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कुल लागत: ₹1.58 करोड़
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प्रथम किस्त: ₹1.10 करोड़ (60% उपयोग के बाद दूसरी किस्त)
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कुल क्षेत्रफल: 40.72 हेक्टेयर
इस नगर वन में सिर्फ वृक्षारोपण नहीं, बल्कि ट्रैकिंग ट्रेल, ओपन जिम, योग स्थल, मेडिटेशन जोन, बटरफ्लाई पार्क और बच्चों के लिए नेचर जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
राजा भैया के प्रयासों से मिली मंजूरी
इस योजना की स्वीकृति में सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने इस परियोजना को दिल्ली में विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत कर केंद्र सरकार से स्वीकृति दिलाने में सक्रिय योगदान दिया।
राजा भैया का मानना है:
“हर जिले में एक शहरी वन होना चाहिए, ताकि पर्यावरणीय संतुलन और शुद्ध वातावरण दोनों बनाए रखा जा सके।”
स्वच्छ पर्यावरण, स्थानीय रोजगार और पारदर्शिता
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नगर वन परियोजना से न सिर्फ पर्यावरणीय लाभ, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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SC/ST वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी।
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सभी भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से होंगे।
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खर्चों का विवरण, ऑडिट रिपोर्ट, उपभोग प्रमाण पत्र, सैटेलाइट फोटो और जीआईएस कोऑर्डिनेट्स ई-ग्रीन वॉच पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने होंगे।
लाभ और उद्देश्य:
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जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद
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शहरी निवासियों को प्रकृति के करीब लाने का प्रयास
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बच्चों और युवाओं के लिए पर्यावरणीय शिक्षा का केंद्र
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महिलाओं के लिए योग और मेडिटेशन स्पेस
निष्कर्ष (Conclusion):
गोंडा का यह पहला नगर वन, न सिर्फ पर्यावरणीय दृष्टिकोण से, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
राजा भैया की पहल और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद शुरू हुई यह परियोजना गोंडा को उत्तर प्रदेश के सबसे हरित जिलों में शुमार कर सकती है।

