गोंडा में तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा
उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र और ज्योतिष के नाम पर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी “शिव शक्ति ज्योतिष एवं आध्यात्मिक अनुसंधान केंद्र” के नाम से फर्जी कॉल सेंटर और कार्यालय चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड समेत कई अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के जेवरात, फर्जी पहचान पत्र, मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट लगी कार बरामद की है।
हिंदू नामों से लोगों को बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मुस्लिम समुदाय से होने के बावजूद हिंदू नामों का इस्तेमाल करते थे ताकि लोगों का भरोसा आसानी से जीता जा सके।
गिरोह के सदस्य ज्योतिष, वास्तु दोष, ग्रह बाधा और पारिवारिक समस्याओं के समाधान का दावा करते हुए पोस्टर और पर्चे छपवाते थे। इन्हें अलग-अलग शहरों और मोहल्लों में चिपकाया जाता था। इतना ही नहीं, अखबारों में भी इन विज्ञापनों को रखकर लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता था।
इन विज्ञापनों में दावा किया जाता था कि हर समस्या का “तांत्रिक समाधान” संभव है।
भाजपा कार्यालय के पास चल रहा था फर्जी सेंटर
पुलिस के मुताबिक आरोपी गोंडा शहर में भाजपा कार्यालय के पास किराए का कमरा लेकर फर्जी आध्यात्मिक केंद्र चला रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
- नमशेर
- हसरत अली
- इमरान
- इरशाद
- तोहिद
के रूप में हुई है।
ये सभी आरोपी बुलंदशहर और मेरठ के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने—
- 1 लाख 99 हजार 500 रुपए नकद
- 7.50 ग्राम सोना
- 7.50 ग्राम चांदी के जेवर
- 5 फर्जी निर्वाचन पहचान पत्र
- 25 मोबाइल फोन
- फर्जी नंबर प्लेट लगी कार
बरामद की है।
इस पूरे गिरोह का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक और सीओ नगर आनंद राय की टीम ने किया।
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस जांच में ठगी का बेहद हैरान करने वाला तरीका सामने आया है।
जब कोई व्यक्ति विज्ञापन देखकर संपर्क करता था, तो उसे गोंडा स्थित कार्यालय बुलाया जाता था। वहां प्रारंभिक पूजा-पाठ कराकर भरोसा बनाया जाता था। इसके बाद आरोपी पीड़ितों के घर पहुंचते थे और विशेष पूजा सामग्री के नाम पर सोने-चांदी के जेवरात मांग लेते थे।
आरोपी जेवरों को एक कलश में रखवाकर पूजा शुरू करते थे। फिर उसी कलश में सांप डालकर परिवार को डराया जाता था।
उन्हें कहा जाता था—
“घर के देवता नाराज हैं, इसलिए विशेष पूजा करनी पड़ेगी।”
इसके बाद परिवार को डराकर लाखों रुपए की मांग की जाती थी। आरोपी कहते थे कि विशेष अनुष्ठान प्रयागराज या अन्य धार्मिक स्थलों पर होगा और 21 दिनों तक कलश नहीं खोलना है।
इसी दौरान आरोपी फरार हो जाते थे।
42 दिन तक कराया पूजा-पाठ
इस पूरे मामले का खुलासा ददुआ बाजार सोनार गली निवासी राजीव रस्तोगी की शिकायत के बाद हुआ।
राजीव ने 27 अप्रैल को नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में उन्हें एक अखबार में “शिव शक्ति ज्योतिष एवं आध्यात्मिक अनुसंधान केंद्र” का विज्ञापन मिला था।
विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क करने के बाद उन्हें गोंडा कार्यालय बुलाया गया, जहां उनकी समस्याओं के समाधान के नाम पर लगातार 42 दिनों तक पूजा-पाठ कराया गया।
राजीव के अनुसार, 27 से 30 मार्च 2026 के बीच आरोपियों ने उनके घर और दुकान में रखे लगभग—
- 750 ग्राम सोने के जेवर
- 750 ग्राम चांदी
- तांबा और पीतल का सामान
एक स्टील के डिब्बे में रखवा लिया और बाद में लेकर फरार हो गए।
मास्टरमाइंड अब भी फरार
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मास्टरमाइंड शफीक उर्फ पंडित रामस्वरूप शर्मा अभी फरार है। उसके अलावा पांच अन्य आरोपी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
पुलिस लगातार कई जिलों में दबिश दे रही है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने बहराइच समेत कई जिलों में इसी तरह लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।

