लखनऊ | विश्व युवा कौशल दिवस 2025 के अवसर पर मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य स्तरीय कौशल मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कार्यक्रम में युवाओं के आत्मविश्वास और हुनर की झलक देखने को मिली।
पूजा की कमाई सुनकर सीएम मुस्कराए
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने एक स्टॉल पर पहुंचकर पूजा नाम की युवती से संवाद किया। जब उन्होंने पूछा कि वह कितना कमा रही हैं, तो पूजा ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया-
“70 हजार रुपए महीना।”
यह सुनते ही मुख्यमंत्री मुस्कराए और दर्शकों ने तालियां बजाईं। योगी ने पूजा की मेहनत और स्किल को सराहा और कहा कि
“युवाओं में असीम संभावनाएं हैं, सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से वे आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेंगे।”
डिजिटल कौशल से ही भारत आत्मनिर्भर बनेगा: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कहा,
“डिजिटल स्किल्स ही 21वीं सदी की असली पूंजी है। आज अगर कोई भी युवा अपने अंदर हुनर विकसित करता है तो दुनिया की कोई ताकत उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।”
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं को तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा के लिए कई स्कीम शुरू की हैं।
“हर जनपद में कौशल विकास केंद्र बनाए गए हैं। मिशन रोजगार और पीएम कौशल विकास योजना के तहत लाखों युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोज़गार और स्वरोजगार से जोड़ा गया है।”
2 दिवसीय कौशल मेले में 100 से ज्यादा स्टॉल
इस दो दिवसीय कौशल मेला एवं प्रदर्शनी में 100 से ज्यादा स्टॉल्स लगाए गए हैं, जिसमें स्वरोजगार, आईटी, टेक्निकल ट्रेड, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, फैशन डिजाइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी दी जा रही है।
साथ ही, युवाओं को सीवी बनाने, इंटरव्यू स्किल्स, डिजिटल मार्केटिंग, स्टार्टअप आइडिया, और फ्री कोर्सेज जैसी सेवाएं भी दी जा रही हैं।
मेले में युवाओं की भारी भीड़
कौशल मेले में प्रदेश भर से आए युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर स्टॉल पर छात्र-छात्राएं अपने हुनर को निखारने और भविष्य के अवसरों को तलाशते दिखे। कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री, अधिकारी और संस्थाएं मौजूद रहीं।
योगी सरकार के कौशल विकास मिशन की झलक
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1.75 करोड़ से अधिक युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी गई
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25 लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला
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हर जिले में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और ट्रेनिंग सेंटर्स
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डिजिटल यूपी अभियान से जुड़कर युवाओं को कोडिंग, डेटा साइंस, एआई की ट्रेनिंग
निष्कर्ष
इस आयोजन ने यह साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार सिर्फ रोजगार देने में नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाले युवाओं को गढ़ने में भी विश्वास रखती है। पूजा जैसी युवतियां, जो कौशल के दम पर ₹70,000 महीना कमा रही हैं, आने वाले भारत की तस्वीर हैं।



