लखनऊ।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने स्मार्ट मीटर योजना को जनविरोधी बताते हुए इसे खुली लूट करार दिया।
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का स्मार्ट मीटर लगाने का आदेश इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 55 का खुला उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के जरिए 959 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है, जिसका जवाब सरकार को जनता के सामने देना होगा।
उपभोक्ता की सहमति के बिना मीटर नहीं लग सकता
संजय सिंह ने कहा कि कानून के अनुसार किसी भी उपभोक्ता के घर में उसकी सहमति के बिना मीटर नहीं लगाया जा सकता, लेकिन प्रदेश सरकार जबरन स्मार्ट मीटर थोप रही है। उन्होंने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इसका विरोध सड़क से लेकर संसद और जरूरत पड़ी तो न्यायालय तक करेगी।
2G से 4G मीटर तक का खेल
आप सांसद ने बताया कि वर्ष 2018 में सरकार ने 2G स्मार्ट मीटर लगाने के लिए आठ साल का अनुबंध किया था। इसके तहत लगभग 12 लाख घरों में मीटर लगाए गए और 40 लाख घरों में लगाने का लक्ष्य तय किया गया। अब अचानक 2G मीटर हटाकर 4G मीटर लगाने का आदेश जारी कर दिया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 4G मीटर ही लगाने थे तो 2018 में 2G मीटर क्यों लगाए गए? संजय सिंह ने आरोप लगाया कि 2G स्मार्ट मीटर 15 से 20 प्रतिशत तक तेज चलते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने दावा किया कि जिन घरों में पहले 2000 रुपए का बिजली बिल आता था, वहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद 2400 से 2500 रुपए तक बिल आ रहा है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
959 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप
संजय सिंह ने कहा कि सरकार ने स्मार्ट मीटर के लिए 8415 रुपए प्रति मीटर की दर से टेंडर जारी किया, जबकि मीटर 6016 रुपए में लगाए जा रहे हैं। इस अंतर को उन्होंने सीधा-सीधा 959 करोड़ रुपए का घोटाला बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रीपेड मीटर से गरीबों पर मार
उन्होंने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ा संकट साबित होंगे। जैसे ही रिचार्ज खत्म होगा, बिजली तुरंत कट जाएगी। भीषण गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों की परेशानी की सरकार को कोई चिंता नहीं है।
टाइम ऑफ डे टैरिफ पर सवाल
संजय सिंह ने सरकार की टाइम ऑफ डे टैरिफ नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिजली की दरें अब यूनिट के बजाय समय के हिसाब से तय की जा रही हैं। पीक आवर में महंगी और नॉन-पीक आवर में सस्ती बिजली गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ देगी।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
आप सांसद ने चेतावनी दी कि यदि 959 करोड़ रुपए के घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आम आदमी पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक आंदोलन करेगी।
स्मार्ट मीटर को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है। संजय सिंह के आरोपों ने बिजली व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति और जनता की जेब—दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।



