गोंडा। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोंडा जिले के करनैलगंज स्थित सरयू तट कटरा घाट पर भव्य मां सरयू महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नमामि गंगे योजना के अंतर्गत वन विभाग एवं जिला गंगा समिति द्वारा आयोजित किया गया।
देर शाम घाट पर हजारों दीपों की रोशनी से पूरा सरयू तट जगमगा उठा। दीपों की कतारों और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां सरयू की महाआरती की गई, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और गणमान्य लोग शामिल हुए।
भजन-संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
महाआरती के साथ-साथ भजन संध्या और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कटरा घाट पर प्रस्तुत सांस्कृतिक झलकियों ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया।
स्वच्छता को लेकर हस्ताक्षर अभियान
कार्यक्रम के दौरान लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वच्छता हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। सैकड़ों लोगों ने एक स्वर में मां सरयू की आरती की और नदियों को स्वच्छ व निर्मल बनाए रखने का संकल्प लिया। क्षेत्रवासियों से अपील की गई कि वे नदी में कचरा न डालें और स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
वन विभाग की अधिकारी का बयान
गोंडा वन विभाग की अधिकारी प्रिया अग्रवाल ने बताया कि यह उनके विभाग का एक सतत अभियान है। उन्होंने कहा कि विशेष पर्वों और धार्मिक अवसरों पर इस तरह के आयोजन कर लोगों को नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाता है।
उन्होंने बताया कि माघ पूर्णिमा के अवसर पर हजारों दीप जलाकर मां सरयू की महाआरती की गई और उपस्थित लोगों ने स्वच्छ गंगा अभियान को आगे बढ़ाने की शपथ ली।
स्वच्छ गंगा मिशन की पहल
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तर प्रदेश लगातार नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए अभियान चला रहा है, जिसमें आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है।
माघ पूर्णिमा पर आयोजित मां सरयू की महाआरती ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि लोगों को नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया। दीपों की रोशनी और भक्ति भाव के साथ यह आयोजन करनैलगंज क्षेत्र के लिए यादगार बन गया।



