गोंडा। गोंडा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने केंद्र सरकार के आम बजट को देश के लिए दूरगामी और विकासोन्मुखी बताया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक टैरिफ वॉर के दौर में यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला साबित होगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने कहा कि यह बजट देश के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि भारत ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया है कि वह एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र है, जो हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
हर सेक्टर को मिलेगा फायदा
विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि आम बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। यह बजट रोजगार सृजन, युवाओं के कौशल विकास, क्षमता निर्माण और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने पर केंद्रित है। इससे न सिर्फ अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत जिस तरह से मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) पर हस्ताक्षर कर रहा है, उसके लिहाज से यह बजट बेहद अहम है। यह बजट भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाएगा।
स्वास्थ्य और पर्यटन पर विशेष फोकस
कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि बजट में इनबाउंड टूरिज्म, खासकर स्वास्थ्य और चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। इससे भारत वैश्विक स्तर पर मेडिकल हब के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
कांग्रेस पर साधा निशाना
इस दौरान विदेश राज्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा के नाम को लेकर यह आरोप लगाए थे कि भाजपा को महात्मा गांधी के नाम से समस्या है। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा महात्मा गांधी के नाम पर नई योजना की घोषणा से ऐसे आरोपों का करारा जवाब मिल गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना के लिए बजट का प्रावधान भी किया है, जो यह साबित करता है कि सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती।
सबको साथ लेकर चलने वाला बजट
कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की नीति ‘सबका साथ, सबका विकास’ की है। इस बजट में गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग सभी का ध्यान रखा गया है।
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के अनुसार आम बजट 2026 न केवल वर्तमान आर्थिक चुनौतियों से निपटने का रोडमैप है, बल्कि यह भारत को दीर्घकालिक विकास की राह पर आगे ले जाने वाला बजट भी है। टैरिफ वॉर जैसे वैश्विक दबावों के बीच यह बजट भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।


