गोंडा: करनैलगंज विधानसभा सीट से छह बार विधायक रहे अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के परिवार में चल रहा विवाद अब निजी दायरे से निकलकर खुले मंच पर आ गया है। विधायक की दूसरी पत्नी मीनाक्षी के बेटों ने अपने नाम सरकारी अभिलेखों (परिवार रजिस्टर) में दर्ज कराने के लिए गुरुवार को खुली बैठक बुलाई, जो करीब साढ़े तीन घंटे तक चली।
कटरा शाहबाजपुर स्थित सरकारी कंपोजिट स्कूल में हुई इस बैठक में प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मौके पर एसडीएम नेहा मिश्रा, एडीओ पंचायत राजेश वर्मा, तीन लेखपाल, कानूनगो और कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस मौजूद रही। करीब 150 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
दूसरी पत्नी के बेटों का दावा
दूसरी पत्नी के बड़े बेटे कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह ने भावुक अंदाज में कहा कि उनके पास अब कुछ भी नहीं बचा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि —
“हवेली में अब सिर्फ एक कुत्ता और एक घोड़ा बचा है, हमारे साथ कोई खड़ा नहीं है।”
कमलेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक में लोगों को प्रलोभन देकर समर्थन जुटाया जा रहा है।
पहली पत्नी के बेटों का विरोध
वहीं, पहली पत्नी ममता के बेटों कुंवर शारदेन मोहन सिंह और उनकी बुआ शैला सिंह ने बैठक में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर सवाल उठाए।
शारदेन सिंह ने कहा —
“ये लोग कौन हैं, इन्हें यहां क्यों बुलाया गया है। अगर इन्हें बाहर नहीं किया गया तो हम बैठक का बहिष्कार करेंगे।”
इस दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और तीखी जुबानी जंग देखने को मिली। हालात बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन को कई बार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
समर्थन के आंकड़े साफ
करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक के बाद तस्वीर साफ नजर आई।
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पहली पत्नी के बेटों के समर्थन में: 49 लोगों ने नाम दर्ज कराए
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दूसरी पत्नी के बेटों के समर्थन में: केवल 9 लोगों ने समर्थन दिया
प्रशासन ने साफ कर दिया कि एक सप्ताह के भीतर दोनों पक्षों को वारिस होने से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सबूतों के आधार पर ही परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने का अंतिम फैसला लिया जाएगा।
दो शादियां, चार बेटे और बढ़ता विवाद
अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया ने अपने जीवन में दो शादियां की थीं।
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पहली पत्नी ममता से:
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कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह
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कुंवर शारदेन मोहन सिंह
(इनके नाम पहले से सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं)
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दूसरी पत्नी मीनाक्षी से:
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कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह
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कुंवर अजेंन मोहन सिंह
(इनके नाम कहीं दर्ज नहीं हैं)
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बीमारी के चलते मीनाक्षी का निधन हो चुका है।
पुण्यतिथि से भड़का विवाद
पूर्व विधायक अजय प्रताप सिंह का निधन 23 जनवरी 2025 को हुआ था।
इस साल उनकी पहली पुण्यतिथि पर जब दूसरी पत्नी के बेटे कमलेंद्र को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया गया, तभी से परिवार में चल रहा यह विवाद खुलकर सामने आ गया।
छह बार विधायक रहे अजय प्रताप सिंह के निधन के बाद उनकी राजनीतिक विरासत से ज्यादा पारिवारिक उत्तराधिकार का सवाल तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासन ने फिलहाल फैसला दस्तावेजों पर टाल दिया है, लेकिन जिस तरह यह विवाद सार्वजनिक मंच तक पहुंच चुका है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में मामला और गरमाएगा।



