गोंडा: देवीपाटन मंडल के एडी बेसिक रामसागर पति त्रिपाठी ने गुरुवार सुबह 10:15 बजे गोंडा स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में भारी लापरवाही सामने आई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह सहित कुल 14 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
यह निरीक्षण जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर चलाए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान का हिस्सा था। अचानक पहुंचे एडी बेसिक को देखकर कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
ये कर्मचारी पाए गए अनुपस्थित
निरीक्षण के समय जिन कर्मचारियों की उपस्थिति नहीं मिली, उनमें —
अवधेश कुमार शुक्ल, प्रवीण सिंह, राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, सुधीर कुमार सिंह, जन्मेजय सिंह, रामबरन मौर्य, रामदेव, जगदीश शरण, शफात उल्लाह खान, सूर्य प्रकाश, हरीश चंद और रवि वर्मा शामिल हैं।
कार्यालय के नियमों के अनुसार सुबह 10 बजे तक सभी कर्मचारियों का उपस्थित होना अनिवार्य है, लेकिन निरीक्षण के समय अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय से गायब मिले।
आम जनता को हुई परेशानी
कर्मचारियों की अनुपस्थिति के चलते कार्यालय में काम से पहुंचे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन संबंधित अधिकारी मौजूद न होने के कारण उनके काम नहीं हो सके।
कार्रवाई और स्पष्टीकरण के आदेश
एडी बेसिक रामसागर पति त्रिपाठी ने मौके पर ही सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
त्रिपाठी ने यह भी बताया कि विभाग से जुड़ी कुछ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें उन्हें प्राप्त हुई हैं, जिनकी अलग से जांच कराई जाएगी।
सख्त चेतावनी
एडी बेसिक ने दो टूक कहा कि —
“शासन की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी और कर्मचारी समय से कार्यालय और विद्यालयों में उपस्थित हों और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें।”
उन्होंने चेतावनी दी कि जिले के अन्य कार्यालयों में भी इसी तरह लगातार औचक निरीक्षण किए जाएंगे और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
गोंडा में बीएसए कार्यालय का यह औचक निरीक्षण प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संकेत है। एक ओर जहां कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस कार्रवाई का असर अन्य सरकारी कार्यालयों में भी देखने को मिल सकता है।



