उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में भारतीय जनता पार्टी का संगठन बीते आठ महीनों से बिना जिलाध्यक्ष के संचालित हो रहा है। जिलाध्यक्ष पद रिक्त होने के कारण पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर इसका सीधा असर दिखाई देने लगा है। हालांकि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नए जिलाध्यक्ष की तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी है।
जिलाध्यक्ष की नियुक्ति न होने से संगठन के कई अहम कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। पार्टी के कार्यक्रमों की योजना, कार्यकर्ताओं की बैठकें, चुनावी तैयारियां और जनसंपर्क अभियानों में वह धार नहीं दिख रही, जो सामान्य परिस्थितियों में देखने को मिलती है।
जिला प्रभारी के सहारे संगठन
वर्तमान में गोंडा भाजपा संगठन की जिम्मेदारी जिला प्रभारी और विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक के कंधों पर है। जिलाध्यक्ष पद खाली होने के चलते संगठन के विभिन्न कार्य अन्य पदाधिकारियों को सौंपे गए हैं। जिला प्रभारी समय-समय पर जिले का दौरा कर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
हालांकि, पार्टी के अंदरखाने यह चर्चा आम है कि स्थायी जिलाध्यक्ष के अभाव में फैसले लेने और संगठन को एकजुट रखने में कठिनाइयां आ रही हैं। कई स्तर पर समन्वय की कमी भी महसूस की जा रही है।
पंचायत चुनाव की तैयारियों पर असर
आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को देखते हुए यह स्थिति पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। जिलाध्यक्ष न होने के कारण न तो संभावित दावेदार खुलकर सामने आ पा रहे हैं और न ही चुनावी रणनीति को लेकर स्पष्ट रूपरेखा बन पा रही है।
इसके साथ ही पार्टी की सोशल मीडिया गतिविधियां भी पहले की तुलना में कमजोर पड़ी हैं। कार्यक्रमों और अभियानों का प्रचार-प्रसार सीमित स्तर पर ही हो पा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कैसे खाली हुआ जिलाध्यक्ष पद
गोंडा भाजपा में यह स्थिति तत्कालीन जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप के निष्कासन के बाद उत्पन्न हुई। बीते 25 मई को उनका एक महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस प्रकरण के 11 दिन बाद, 11 जून को भारतीय जनता पार्टी ने अमर किशोर कश्यप को जिलाध्यक्ष पद से हटाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
इसके बाद से अब तक न तो किसी नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है और न ही किसी को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यही कारण है कि संगठन लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था के सहारे चल रहा है।
नामों पर मंथन जारी
जिला प्रभारी विजय बहादुर पाठक का कहना है कि नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो चुकी है और अब जल्द ही गोंडा को नया भाजपा जिलाध्यक्ष मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है और कई नाम ऊपर भेजे गए हैं।
उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी में जिलाध्यक्ष का चयन बहुत सोच-समझकर किया जाता है। यह पहले से तय नहीं होता कि कब और कौन अध्यक्ष बनेगा। जिस नाम पर अंतिम मुहर लगेगी, वही गोंडा का नया जिलाध्यक्ष होगा।
संगठन में कोई कमी नहीं: जिला प्रभारी
जिला प्रभारी विजय बहादुर पाठक ने यह भी दावा किया कि जिलाध्यक्ष पद रिक्त होने के बावजूद संगठन के सभी कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं। सभी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं और संगठनात्मक गतिविधियों में कोई कमी नहीं आने दी जा रही है।
उनका कहना है कि भाजपा एक अलग तरीके से काम करने वाली पार्टी है, जहां जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिए जाते। जिलाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति पूरी रणनीति और विचार-विमर्श के बाद ही की जाती है।
गोंडा में भाजपा संगठन का आठ महीने से बिना जिलाध्यक्ष के चलना निश्चित रूप से एक असामान्य स्थिति है। भले ही पार्टी नेतृत्व इसे सुविचारित प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। पंचायत चुनाव नजदीक होने के चलते अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि गोंडा को नया भाजपा जिलाध्यक्ष कब और कौन मिलेगा।



