उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सात अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
जानकारी के अनुसार संपूर्ण समाधान दिवस में कुछ अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जबकि कुछ अधिकारी देर से पहुंचे। इस पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने नाराजगी जताते हुए सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब तलब किया है।
समाधान दिवस में सुनी गई फरियादियों की समस्याएं
शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने स्वयं मौजूद रहकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 96 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से पांच शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 91 शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए।
अधिकारियों की लापरवाही पर सख्ती
समाधान दिवस के दौरान कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति और देर से पहुंचने के कारण जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायतों के निस्तारण में कठिनाई का सामना करना पड़ा। फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सात अधिकारियों को जारी हुआ स्पष्टीकरण नोटिस
जिलाधिकारी ने सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है कि वे बिना सूचना अनुपस्थित क्यों रहे या फिर देर से क्यों पहुंचे। उन्होंने कहा कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
शिकायतों के समाधान के लिए टीम गठित करने के निर्देश
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष टीम गठित की जाए। यह टीम मौके पर जाकर स्थलीय जांच करेगी और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
अतिक्रमण और राजस्व मामलों पर विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण, चकमार्ग, तालाब की जमीन और नालियों पर हुए कब्जों के मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर पैमाइश कराई जाए और अवैध कब्जों को हटवाया जाए।
फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के भी दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया जाए और उनके आने का लिखित रिकॉर्ड रखा जाए। साथ ही निस्तारण की प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई जाए ताकि कार्य की पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि शिकायतों का वास्तविक समाधान किया गया है और किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश नहीं रहेगी।

