गोंडा में छात्रों को दिया गया CPR और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण: रेड क्रॉस कैंप में बताया गया जीवन रक्षक उपायों का महत्व

गोंडा : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में रविवार को रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा एक दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्रों और छात्राओं को CPR (Cardiopulmonary Resuscitation), घाव की ड्रेसिंग, रक्तस्राव रोकने जैसे जीवन रक्षक उपायों की जानकारी दी गई।


???? प्रशिक्षण शिविर का संचालन प्रो. राजीव कुमार अग्रवाल के संयोजन में

शिविर का नेतृत्व कॉलेज के प्रोफेसर राजीव कुमार अग्रवाल ने किया। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस द्वारा आयोजित यह कैंप छात्रों के जीवन में व्यावहारिक और मानवीय मूल्यों को जागृत करता है। दुर्घटनाओं के समय तुरंत प्रतिक्रिया देना किसी की जान बचा सकता है।


????‍⚕️ नेशनल ट्रेनर आशीष शर्मा ने सिखाए प्राथमिक उपचार के गुर

रेड क्रॉस के नेशनल ट्रेनर आशीष शर्मा ने छात्रों को दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार की अहमियत को बताया। उन्होंने CPR देने की प्रक्रिया को प्रैक्टिकल डेमो के जरिए समझाया और यह भी सिखाया कि कैसे किसी गंभीर या साधारण घाव की सही तरीके से ड्रेसिंग करनी चाहिए ताकि संक्रमण न फैले।


???? रक्तस्राव रोकने और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने के टिप्स भी शामिल

प्रशिक्षण के दौरान आशीष शर्मा ने विशेष रूप से यह सिखाया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हो जाए और भारी रक्तस्राव हो रहा हो तो कैसे उसे तुरंत रोकने के प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने क्लीन कॉटन, प्रेशर एप्लाई करने की तकनीक, और तात्कालिक उपायों के बारे में भी जानकारी दी।


???? मुख्य अतिथि ACMO डॉ. आदित्य वर्मा का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा,

“यदि आपके सामने कोई सड़क दुर्घटना होती है, तो एंबुलेंस (108/112) को कॉल करने में झिझकें नहीं। घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में आपकी छोटी सी मदद भी किसी की जान बचा सकती है।”

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सामाजिक जागरूकता के ऐसे अभियानों में भाग लें और अपने जीवन में मानवता को सर्वोपरि रखें।


???? प्रैक्टिकल सेशन में छात्रों ने लिया उत्साह से भाग

शिविर के दौरान छात्रों ने CPR और फर्स्ट एड का अभ्यास किया और कई छात्रों ने बताया कि यह उनकी जिंदगी का पहला व्यावहारिक मेडिकल अनुभव था। सभी को एक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।


???? समाज में जागरूकता की दिशा में एक अहम कदम

यह शिविर न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि समाज के लिए भी जागरूकता की मिसाल बना। प्राथमिक उपचार के विषय में जानकारी होना आज के समय में हर नागरिक की जरूरत है।

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