‘लखनऊ पुलिस ने महिलाओं के कपड़े फाड़े’:लोग बोले-ग्राम प्रधान को किडनैप कर किया हमला; अंबेडकर की मूर्ति ढकी रहेगी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक गांव में शनिवार देर शाम ग्राम प्रधान और गांव के 5 अन्य लोगों के अचानक लापता होने के बाद बवाल खड़ा हो गया। गांव वालों का आरोप है कि पुलिस ने ग्राम प्रधान को अगवा कर उनके साथ मारपीट की, और जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो महिलाओं पर भी हमला किया गया।

घटना ने तब और तूल पकड़ लिया जब पुलिस allegedly भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को ढकने की कोशिश करने लगी। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो पुलिस ने बल प्रयोग किया, और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।


गांव वालों का आरोप – पुलिस ने खुद ही किया हमला, महिलाओं के कपड़े फाड़े

गांव वालों का कहना है कि प्रधान के लापता होने की शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई खोजबीन नहीं की, उल्टा जबरदस्ती गांव में घुसकर अंबेडकर की मूर्ति को ढकने लगी। विरोध कर रही महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया गया, यहां तक कि उनके कपड़े फाड़े गए।

स्थानीय महिला ने कहा:

“हम सिर्फ अपने नेता के लिए न्याय मांग रहे थे, पर पुलिस ने हमें ही अपराधी बना दिया।”


प्रशासन की चुप्पी, मूर्ति अब ढकी रहेगी

प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, स्थिति को शांत बनाए रखने के लिए अंबेडकर की मूर्ति को फिलहाल ढका रखा जाएगा। यह निर्णय पुलिस और जिला प्रशासन के बीच अंदरूनी सहमति के तहत लिया गया है।


ग्रामीणों में आक्रोश, गांव में भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे प्रदर्शन तेज करेंगे।


राजनीतिक दलों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद कोई प्रमुख राजनीतिक दल सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि दलित समाज और महिलाओं के साथ हुई इस बर्बरता पर क्यों चुप हैं नेता?


सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो

घटना से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव और आंसू गैस छोड़े जाने के दृश्य देखे जा सकते हैं।


जांच की मांग तेज, NHRC से हस्तक्षेप की अपील

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से तत्काल जांच की मांग की है। वे चाहते हैं कि पुलिस पर लगे महिला उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top