गोंडा। पुलिस अधीक्षक गोंडा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत जिले के सभी थानों में महिला बीट अधिकारियों द्वारा गांवों में चौपाल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण प्रदान करना है।
महिला बीट अधिकारी और शक्ति दीदी का अहम योगदान
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री मनोज कुमार रावत और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण में गठित एंटीरोमियो टीम और महिला बीट अधिकारी (शक्ति दीदी) गांव-गांव जाकर महिलाओं को उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए जागरूक कर रही हैं। अब महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस चौकी या थाने नहीं आना पड़ेगा। शक्ति दीदी गांवों में चौपाल लगाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही हैं।
महिलाओं को हेल्पलाइन और सुरक्षा योजनाओं की जानकारी
महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा जारी विभिन्न हेल्पलाइन नंबर जैसे 1090, 181, 102, 108, 1076, 1098, 1930 और साइबर अपराध की जानकारी दी जा रही है। साथ ही गुड टच-बैड टच की जानकारी देकर बच्चों को भी जागरूक किया जा रहा है।
रेड कार्ड और फीडबैक फार्म से मिल रहा फीडबैक
महिला बीट अधिकारियों ने गांवों में मनचलों/शोहदों को रेड कार्ड दिया और महिलाओं और बालिकाओं से फीडबैक फार्म भरवाकर उनकी राय ली। इसके माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन की दिशा में प्रयास
यह अभियान महिलाओं और बालिकाओं को न केवल उनकी सुरक्षा और सम्मान का अहसास कराता है, बल्कि उन्हें स्वावलंबी बनने के लिए भी प्रेरित करता है।
गोंडा पुलिस का यह प्रयास महिलाओं और बालिकाओं को एक सुरक्षित और सशक्त समाज देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



